बांदा। पूर्व कैबिनेट मंत्री और विधान परिषद में नेता विरोधी दल रहे नसीमुद्दीन सिद्दीकी की विधान परिषद सदस्यता खत्म करने के लिए बसपा के एक अन्य विधान परिषद सदस्य द्वारा दाखिल की गई याचिका खारिज होने पर उनके समर्थकों ने जमकर जश्न मनाया। बुधवार को श्री सिद्दीकी भ्रमण पर बांदा में थे। इस पर उनके समर्थकों ने खुशी में मिठाई बांटी। उन्हें फूलों की माला पहनाकर बधाई दी। बसपा सरकार में वरिष्ठ मंत्री रहे श्री सिद्दीकी बसपा संगठन में भी राष्ट्रीय महासचिव और जोनल व कई राज्यों के कोआर्डिनेटर और प्रभारी रहे। इसी वर्ष मई में बसपा से निष्कासित कर दिए गए थे। बाद में उन्होंने राष्ट्रीय बहुजन मोर्चा गठित कर लिया। इसके राष्ट्रीय संयोजक बन गए। इसी बीच बसपा के विधान परिषद सदस्य सुनील कुमार चित्तौड़ ने विधान परिषद सभापति के समक्ष याचिका दाखिल करके कई दलीलें देते हुए श्री सिद्दीकी की विधान परिषद सदस्यता खत्म करने की मांग की। कई माह से यह याचिका सभापति के समक्ष विचाराधीन थी।
27 अक्तूबर को सभापति रमेश यादव ने याचिका पर फैसला सुनाया। तीन पृष्ठीय निर्णय में कहा गया है कि श्री सिद्दीकी ने स्वेच्छा से पार्टी छोड़ी है और राजनीतिक दल गठित कर लिया है। जबकि श्री सिद्दीकी ने अपने उत्तर में पार्टी छोड़ा जाना अस्वीकार किया है। सभापति ने कहा कि राष्ट्रीय बहुजन मोर्चा को राजनीतिक दल के रूप में स्वीकार करने का विधिक आधार सामने नहीं आया। सभापति ने कहा कि श्री सिद्दीकी बसपा से निष्कासित सदस्य के रूप में दर्ज हैं। उनके द्वारा प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों में पार्टी छोड़ने या नया दल गठित करने के पुष्ट आधार सिद्ध नहीं हुए हैं। सभापति ने निरर्हता नियमावली 1987 के नियमों का हवाला देकर याचिका को निरस्त कर दिया।
उधर, श्री सिद्दीकी बुधवार को बांदा में थे। यह खबर मिलते ही उनके समर्थकों में खुशी छा गई। उन्हें फूल-माला पहनाईं और मिठाई बांटी। इस मौके पर शहर काजी मौलाना कमरुद्दीन, जमीरुद्दीन सिद्दीकी, हसन सिद्दीकी, मुमताज अली, अधिवक्ता हाजी एजाज अहमद, जुबैर सिद्दीकी, मजीद खां, हाजी शब्बीर अली बबलू, मुजीबुद्दीन सिद्दीकी, इरशाद अहमद खां, सुरेश कुमार, शाहिद निजामी, संजय त्रिवेदी, राजकुमार मिश्रा, चंद्रशेखर त्रिवेदी, ओमप्रकाश गुप्ता, राजकिशोर मिश्रा, दयाराम सिंह, अमर सिंह, राजू द्विवेदी, लक्ष्मण प्रसाद, बब्लू यादव, धर्मेंद्र सिंह, रहीमुद्दीन सिद्दीकी और मोहम्मद यार खां आदि मौजूद रहे।
सच्चाई की जीत हुई : नसीमुद्दीन
बांदा (ब्यूरो)। विधान परिषद सदस्यता खारिज करने की याचिका निरस्त होने पर पूर्व मंत्री और एमएलसी नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि सच्चाई की जीत हुई है। याचिका दायर करने वाले झूठे साबित हुए हैं। उन्होंने कहा कि बसपा में अब कोई पुराना और अनुभवशाली लीडर नहीं रह गया है। सब छोड़कर चले गए हैं। डूबते जहाज पर कोई सवार नहीं होना चाहता। निकाय चुनाव के बारे में उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों द्वारा प्रत्याशी घोषित होने के बाद इस बारे में फैसला करेंगे। प्रत्याशियों की छवि देखी जाएगी। अगर राष्ट्रीय बहुजन मोर्चा से कहीं भी प्रत्याशी लड़ते हैं तो उनका समर्थन होगा। वरना साफ-सुथरी छवि वालों का समर्थन करेंगे। अपराधियों और अफसरों को पीटने वालों को नहीं जीतने दिया जाएगा।