बांदा। पिछले महीने जिला पशु अस्पताल में कूड़े में मिली गलाघोंटू की वैक्सीन मामले में अपर निदेशक ने उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (डिप्टी सीवीओ) व फार्मासिस्ट समेत पांच कर्मचारियों पर कार्रवाई की है। डिप्टी सीवीओ के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा है। फार्मासिस्ट का निलंबन और तीन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की वेतन वृद्धि रोक दी है। पूरे मामले की जांच हमीरपुर के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को सौंपी है।
मंडल मुख्यालय के पशु बाड़ा खंडहर में 28 सितंबर को बड़ी संख्या में गलाघोंटू मर्ज की वैक्सीन पड़ी पाई गई थीं। ‘अमर उजाला’ ने 29 सितंबर के अंक में ‘कूड़े के ढेर में मिलीं गलाघोंटू वैक्सीन’ शीर्षक से फोटो के साथ खबर प्रकाशित की थी। इसका संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट शैलेष कुमार और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. वीपी सिंह की पांच सदस्यीय जांच टीम गठित की थी। टीम की जांच में उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सतीश कुमार अग्रवाल, वेटनरी फार्मासिस्ट सत्यप्रकाश गुप्ता, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अनंत प्रकाश, बांकेलाल व रामकिशोर को दोषी पाया। मंडल के अपर निदेशक डॉ. अशोक कुमार सिंह ने अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सतीश अग्रवाल के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति करते हुए शासन को पत्र भेजा है। वेटनरी फार्मासिस्ट सत्य प्रकाश गुप्ता को निलंबित कर पैलानी पशु अस्पताल से संबद्ध किया है। सदर पशु अस्पताल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अनंत प्रकाश, बांकेलाल व रामकिशोर की वेतन वृद्धि रोक दी है। अपर निदेशक ने पूरे प्रकरण की जांच हमीरपुर जिले के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विजय सिंह को सौंपी है। वह यहां 5 नवंबर को आकर जांच करेंगे और रिपोर्ट सौंपेंगे। गौरतलब है कि बारिश के सीजन में पशुओं को गलाघोंटू जैसी गंभीर बीमारी से बचाने के लिए शासन ने करीब साढ़े छह लाख रुपये की वैक्सीन भेजी थी। इन्हें सभी पशु अस्पतालों व पशु सेवा केंद्र में भेजा जाना था।
फार्मासिस्ट को चेतावनी
बांदा (ब्यूरो)। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विजय प्रताप सिंह ने सदर पशु अस्पताल में ज्वाइन न करने वाले नवनियुक्त फार्मासिस्ट राजेंद्र कुमार त्रिवेदी को कार्रवाई की चेतावनी दी है। यहां तैनात रहे फार्मासिस्ट के निलंबन के बाद सीवीओ ने हमीरपुर पशु अस्पताल में तैनात राजेंद्र को यहां भेजा गया था लेकिन वहां से रिलीव होने के सप्ताह भर बाद भी उन्होंने यहां ज्वाइन नहीं किया। 24 घंटे के अंदर ज्वाइन न करने पर अक्तूबर माह का वेतन रोकने की चेतावनी दी गई है।