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जुकाम-बुखार में भी नजर आ रहा कोरोना का खौफ

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अस्पताल के पंजीकरण काउंटर में लगी मरीजों की लाइन। - फोटो : BANDA
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बांदा। कोरोना महामारी घोषित होने के बाद जिला अस्पताल और मेडिकल कालेज में जुकाम-बुखार के मरीजों की संख्या में अचानक भारी वृद्धि हो गई है। महामारी से सशंकित साधारण बीमार अस्पताल पहुंच रहे हैं।
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जिला अस्पताल में सप्ताह भर से मरीजों की संख्या में तीन सौ से ज्यादा का इजाफा हुआ है। कमोवेश यही स्थिति मेडिकल कालेज की है। फिलहाल जनपद में किसी मरीज को कोरोना की पुष्टि नहीं हुई है।
कोरोना वायरस के लक्षण भी वायरल फीवर से मिलते-जुलते हैं। मौसम बदलने के कारण इन दिनों वायरल का असर चल रहा है। हल्का बुखार और खांसी-जुकाम, गले में जकड़न होते ही इलाज के लिए अस्पताल में लाइन लगा रहे हैं।
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पिछले हफ्ते तक जिला अस्पताल में दैनिक मरीजों की संख्या 1100 से 1300 के करीब थी। अब यह बढ़कर 1400 से 1600 हो गई है। चिकित्सक कक्ष, दवा खिड़की, पंजीकरण काउंटर में लंबी लाइनें लग रही हैं।
उधर, मेडिकल कालेज में भी रोजमर्रा के मरीजों की संख्या 800 से बढ़कर 1200 जा पहुंची है। जिला अस्पताल के प्रभारी सीएमएस डा. विनीत सचान और मेडिकल कालेज के प्रिसिंपल डॉ. मुकेश यादव ने बताया कि मरीजों में लगभग 70 फीसदी वायरल फीवर से ग्रस्त हैं। फिलहाल कोरोना का यहां कोई मरीज नहीं मिला है।
पुणे से लौटे मजदूर को कोरोना की आशंका
बांदा। जुकाम-बुखार से ग्रस्त होकर पुणे (महाराष्ट्र) से लौटे बबेरू क्षेत्र के एक गांव निवासी मजदूर में कोरोना के संभावित लक्षणों से जिला अस्पताल में हड़कंप मच गया। यहां ड्यूटी पर मौजूद डॉ. हृदयेश पटेल ने उसे आनन-फानन मेडिकल कालेज रेफर कर दिया।
मेडिकल कालेज में उसे फिलहाल आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है। यहां उपलब्ध साधारण जांचें की जा रही हैं। खून का नमूना लखनऊ भेजा जाएगा। सीएमओ डा. संतोष कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया कोरोना के लक्षण प्रतीत नहीं रहे हैं। एहतियात के तौर पर भर्ती करके जांच की जा रही है।
ट्रेनों की एसी बोगी से पर्दे और कंबल हटे
बांदा। रेलवे ने अपने यात्रियों को कोरोना के कहर से बचाने की चल रही कवायदों में ट्रेनों को सेनेटाइज करने के साथ ही वातानुकूलित बोगियों से पर्दे और कंबल हटा दिए हैं। मंडल रेल प्रबंधक (झांसी) के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि उत्तर मध्य रेलवे की सभी सुपरफास्ट व एक्सप्रेस ट्रेनों में एसी बोगियों के पर्दे हटा दिए गए हैं।
31 मार्च तक यात्रियों को कंबल भी नहीं दिए जाएंगे। बोगी का तापमान 25 डिग्री पर बरकरार रखा जाएगा। यात्रियों को पर्चे बांटकर आगाह किया जा रहा है कि छींक, खांसी आने पर मुंह पर रुमाल का इस्तेमाल करें या मॉस्क लगाएं।
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