बांदा। मकर संक्रांति पर भूरागढ़ स्थित केन नदी घाट में लगने वाले परंपरागत मेले में बड़ी संख्या में भीड़ रही। शीतलहर के बावजूद लोगों ने नदी में डुबकी लगाई और स्नान किया। सूर्य के आगे जल, फूल, लाल वस्त्र, गेहूं, गुड़, सुपारी आदि की दक्षिणा अर्पित कर पूजा की। जगह-जगह खिचड़ी दान की गई। खिचड़ी के सामूहिक भोज भी आयोजित हुए। मेले में ज्यादातर लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क लगाने की जरूरत नहीं समझी।
14 जनवरी (बृहस्पतिवार) को सुबह साढ़े 8 बजे मुहूर्त आते ही मकर संक्रांति शुरू हो गई। नदी घाटों में दोपहर को धूप तेज होने के बाद ही श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ी। नदी किनारे स्थित नटबलि की समाधि पर प्रसाद चढ़ाया गया।
अधिकांश लोगों ने भूरागढ़ दुर्ग में स्थित शहीद स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। नागा बाबा आश्रम में भंडारा आयोजित हुआ। मेले में महिलाओं ने बड़ी संख्या में श्रृंगार और अन्य रोजमर्रा की सामग्री खरीदी। ज्यादातर युवा-युवतियों का जमावड़ा रहा। अनूप रावत, महमूद बिल्लर, मदन शर्मा आदि ने मेलार्थियों को प्रसाद बांटा।
समाजसेवी अर्चना शुक्ला ने खिचड़ी बांटी। नगर पालिका ने नदी घाट पर महिलाओं के लिए टेंट लगवाया। उधर, भूरागढ़ दुर्ग पर स्थित शहीद स्मारक में पूर्व सैनिक सेवा परिषद के तत्वावधान में श्रद्धांजलि सभा हुई। सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी, जिलाध्यक्ष कैप्टन एसबी सिंह राठौर, सूबेदार मेजर छात्रपाल सिंह, सूबेदार मेजर दयाशंकर तिवारी, सूबेदार सीताराम तिवारी, मीडिया प्रभारी सूबेदार मेजर रामनरेश सिंह आदि मौजूद रहे।