विकलांग दूल्हा देखकर दुल्हन ने शादी से इनकार कर दिया। विवाद बढ़ने पर वर-वधू पक्ष के बीच जमकर तीखी झड़पें र्हुइं। मामला मारपीट तक पहुंच गया। लाइसेंसी बंदूकों से लैस वधू पक्ष के युवकों ने बारातियों को बंधक बना लिया। उनके मोबाइल भी छीन लिए। अंतत: दूल्हे के छोटे भाई से विवाह रचाने के बाद मामला निपटा।
सीमावर्ती मध्य प्रदेश के पथरा पालदेव निवासी राजेश द्विवेदी की पुत्री दीपिका की बारात सतना (मध्य प्रदेश) जिले के मेहुती गांव से रविवार को आई थी। वधू पक्ष ने बारातियों की जमकर खातिरदारी की। हंसी-खुशी माहौल में बैंडबाजे के साथ बारात दरवाजे पर पहुंच गई। द्वारचार और जयमाल की रस्में पूरी की गईं। आधी रात के बाद दूल्हा आलोक पांडेय पुत्र शंकरदीन और दुल्हन मंडप के नीचे वैवाहिक रस्मों को पूरा करने पहुंचे। पूजा के दौरान दूल्हे के हाथ के उंगलियां नहीं खुलीं। इस पर दूल्हन खड़ी हो गई और दूल्हे को विकलांग बताकर शादी से इनकार कर दिया।
कुछ ही देर में वर और वधू पक्ष के लोग आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के बीच तीखी झड़प के साथ आरोप-प्रत्यारोप के दौर शुरू हो गए। वधू पक्ष का आरोप था कि विकलांग होने की बात वर पक्ष ने छिपाई है। कुछ ही देर में विवाद तूल पकड़ने पर मामला मारपीट तक पहुंच गया। इसी बीच वधू पक्ष से आधा दर्जन लाइसेंसी बंदूको से लैस युवक आ गए।
दूल्हा और उसके परिजनों समेत बारातियों को बंधक बनाते हुए कमरे में कैद कर दिया। दोनों पक्षों के कुछ बुजुर्गों ने बातचीत कर मामले को निपटाने का प्रयास किया। अंतत: दूल्हे के छोटे भाई गोलू को मंडप के नीचे बैठा कर विवाह की रस्में पूरी कराईं गईं। सोमवार को दोपहर बारात विदा की गई।
खौफ के साए में बारातियों ने गुजारे आठ घंटे
बांदा। बारात में शामिल होने आए आधा सैकड़ा से ज्यादा बाराती लगभग 8 घंटे तक बंदूकों के साय में रहे। बंदूक के साय में रखते हुए उन्हें नाश्ता और खाना खिलाया गया। बारातियों ने हर काम बंदूकों के साय में किया। पूरी रात बारातियों ने खौफ में गुजारी। दूल्हे के छोटे भाई के शादी को तैयार होने पर बारातियों और दूल्हे के परिजनों ने राहत की सांस ली।