अफसरों की टीम अध्यक्ष विनोद जैन से बातचीत करते हुए।
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बांदा। नगर पालिका द्वारा संचालित बालिका इंटर कालेज में पिछले दिनों तीन महिला टीचर की नियुक्ति और उसमें 60 लाख रुपये की अवैध वसूली मामले की जांच शुरू हो गई है। जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की है। बुधवार को जांच को पहुंची टीम को लौटना पड़ा। स्कूल की प्रबंधक और नगर पालिका अध्यक्ष ने फिलहाल अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए। टीम ने उन्हें दो दिन में अभिलेख उपलब्ध कराने का नोटिस दिया है।
नगर पालिका के डेढ़ दर्जन से ज्यादा सदस्यों ने मंडलायुक्त और जिलाधिकारी सामूहिक रूप से शिकायत की थी कि नगर पालिका बालिका इंटर कालेज में जूनियर कक्षाओं के लिए सामाजिक विज्ञान की दो और गणित विज्ञान की एक महिला टीचर की नियुक्ति गुपचुप ढंग से की गई है। बोर्ड में इसका प्रस्ताव पारित नहीं हुआ। न ही एजेंडे में शामिल किया गया। नगर पालिका नियमों का पालन भी नहीं हुआ। सदस्यों ने आरोप लगाया कि तीनों नियुक्तियों में 20-20 लाख रुपये लिए गए हैं जबकि इनसे अधिक अनुभव और योग्यता वाली पूर्व से कार्यरत टीचर को इंटरव्यू में शामिल होने का मौका नहीं मिला। सदस्यों ने नगर पालिका अध्यक्ष, ईओ और जिला बेसिक शिक्षाधिकारी पर अवैध कमाई के आरोप लगाए थे।
डीएम के आदेश पर बुधवार को उप जिलाधिकारी क्रांतिशेखर सिंह इस मामले की जांच नगर पालिका पहुंचे। उनके साथ जिला विद्यालय निरीक्षक हिफजुर्रहमान और डायट प्राचार्य आदर्श कुमार त्रिपाठी भी थे। अफसरों की जांच टीम ने नगर पालिका अध्यक्ष विनोद जैन से मिलकर नियुक्तियों संबंधी अभिलेख मांगे। एसडीएम ने बताया कि अध्यक्ष ने फौरी तौर पर कोई भी अभिलेख उपलब्ध कराने में असमर्थता जाहिर की। एसडीएम के मुताबिक स्कूल प्रबंधक (अध्यक्ष) को नोटिस जारी करके दो दिन में अभिलेख उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।