बालक की मौत पर रोते-बिलखते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
बांदा। जौरही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र के महोखर गांव में बुखार और डेंगू का कहर जारी है। मंगलवार को डेंगूग्रस्त बालक की मौत हो गई। लगभग 32 मरीज बुखार ग्रस्त बताए गए। इनमें कई को डेंगू की संभावना पर प्राइवेट अस्पतालों में इलाज कराया जा रहा है। उधर, ग्रामीणों का कहना है कि गांव में नाली व गलियों की सफाई न होने से संक्रामक बीमारियां थम नहीं रहीं।गांव के ओमप्रकाश (11) पुत्र राजेश तिवारी को कई दिन से बुखार आ रहा था।
प्राइवेट पैथालाजी में जांच में उसे डेंगू बताया गया। यहां एक प्राइवेट अस्पताल में उसे भर्ती कराया गया। मंगलवार को सुबह उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वह पांचवीं कक्षा का छात्र था। बालक की मौत से परिजन बेहाल रहे। इसी गांव के बच्चा पाल (35) पुत्र मइयादीन पाल की चार दिन पहले कानपुर के एक प्राइवेट अस्पताल में डेंगू से मौत हो चुकी है। इनके अलावा प्रेम प्रकाश तिवारी (42), विजय बहादुर सिंह (62), दीपक दुबे (35), राधा तिवारी (23), भूपेंद्र तिवारी (28), योगेश वाजपेयी (28), अंजलि वाजपेयी (12), निशा तिवारी (22), सीलम तिवारी (26), अर्जुन सिंह (42), हरीओम सिंह (19), रानी मिश्रा (45), नेहा सिंह (18), अर्जुन सिंह (40), रामखिलावन बिंद (80), नीतू सिंह (20), अनुज सिंह (10), शिवलखन सिंह (50), सोनी (25), इंद्रबहादुर सिंह (23), राजकरन (50), पुष्पेंद्र गौतम (30), सूरज सिंह (17), निर्मला सिंह (44) बुखार से ग्रस्त हैं। उधर, सीएमओ मेजर डा.जीएस वाजपेयी ने बताया कि पीएचसी जौरही की टीम ने डा.सुरेंद्र कुमार के नेतृत्व में महोखर गांव में 83 मरीजों का इलाज किया है। बुखार ग्रस्त 32 रोगियों के खून के नमूने लिए गए। अधिकांश मरीज वायरल फीवर से ग्रस्त पाए गए। ग्रामीणों को क्लोरीन की गोलियां बांटी गईं और डेंगू से बचाव के लिए पंपलेट बांटे गए। फाइलेरिया निरीक्षक ने गांव की नालियों में लार्वा निरोधक दवा का छिड़काव किया।