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सांसद ने सीएम को बताई बुंदेलखंड की समस्या

Wed, 10 Jan 2018 11:18 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बांदा
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मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ को अवगत कराते सांसद भैरो प्रसाद मिश्र। - फोटो : अमर उजाला
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बुंदेलखंड में अन्ना गायों के लिए मुख्यमंत्री द्वारा की गई गो आश्रय गृह की घोषणा पर अमल न होने पर सांसद भैरो प्रसाद मिश्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिले। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि गो आश्रय न बनने से किसान परेशान हैं। साथ ही बुंदेलखंड में लघु-सीमांत किसानों का मानक बढ़ाने और बिजली विभाग द्वारा किसानों पर भेजे गए भारी-भरकम बिलों की समीक्षा कराने का अनुरोध किया है।

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मंगलवार को सांसद भैरो प्रसाद मिश्र ने लखनऊ में मुख्यमंत्री से उनके कार्यालय में मुलाकात की। उनको कई पत्र सौंपे। एक पत्र में बताया कि बांदा-चित्रकूट समेत पूरे बुंदेलखंड में अन्ना प्रथा समस्या बहुत गंभीर है। मुख्यमंत्री ने गो सेवा आयोग का गठन कर पशु आश्रय खोलने का निर्देश दिया था, लेकिन अभी तक कोई भी पशु आश्रय गृह स्वीकृत नहीं हुआ है। केवल पुरानी रजिस्टर्ड गोशालाओं को चारा-पानी देने की बात कही जा रही है। किसानों ने अपने स्तर से समिति बनाकर गोशालाएं बनाईं हैं, लेकिन उनको चारा-पानी नहीं मिल पा रहा है।

दूसरे पत्र में सांसद ने कहा कि बुंदेलखंड में किसानों की जमीन अन्य क्षेत्रों की अपेक्षा ढाई गुना ज्यादा मानी गई है। यह व्यवस्था 1971 से लागू है, लेकिन लघु-सीमांत किसानों के मानक दायरे में यहां प्रदेश के बराबर ही भूमि की गणना की जा रही है। मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि राजस्व संहिता से मिले दर्जे के अनुसार बुंदेलखंड में लघु और सीमांत किसानों की गणना क्रमश: ढाई और पांच एकड़ निर्धारित की जाए। अभी यह एक व दो एकड़ है। एक अन्य पत्र में कहा कि बरुआ और ओहन बांध काफी पुराने हो गए हैं।
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इनकी तलहटी में सिल्ट जमा हो गई है। पानी की भंडारण क्षमता बहुत कम रह गई है। इन्हीं बांधों से सैकड़ों गांव में सिंचाई होती है। बांधों की सफाई कराकर भंडारण क्षमता बढ़ाने का अनुरोध किया।
सांसद ने मुख्यमंत्री को यह भी बताया कि बुंदेलखंड के गांवों में किसानों और ग्रामीणों को बिजली के बिल एकमुश्त भेज दिए गए हैं। फिक्स चार्ज की जगह मीटर रीडिंग से बिलिंग की जा रही है। तंगहाली से जूझ रहे किसान परेशान हैं। इसकी समीक्षा कराने की मांग की। सांसद ने बताया कि मुख्यमंत्री ने उनके पत्रों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सांसद ने मुख्यमंत्री को चित्रकूट में 13 फरवरी से शुरू हो रहे राष्ट्रीय रामायण मेला में आने का अनुरोध भी किया।

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