बांदा। बरियारपुर बांध मेें एमपी के सिंचाई विभाग द्वारा खोदी जा रही नहर का विवाद दोनों राज्यों के सीएम तक पहुंचने के बाद भी एमपी के अभियंता और ठेकेदार बाज नहीं आ रहे। यूपी के अभियंताओं के कड़े विरोध से पिछले नौ दिनों से नहर का काम रुका है। शनिवार को फिर एमपी के ठेकेदार ने काम शुरू करने की कोशिश की। बांदा के सिंचाई विभाग के अभियंता ने कड़े तेवर अपनाकर रुकवा दिया। इसके साथ चेतावनी दी गई कि एमपी ने जोर जबरदस्ती की तो विवादित स्थल पर यूपी की पुलिस तैनात की जाएगी।
बरियारपुर बांध के पास मध्य प्रदेश यूपी के स्वामित्व वाली जमीन पर नई नहर खोद रहा है। कई दिनों तक तो यूपी (बांदा) के सिंचाई विभाग को इसका पता ही नहीं चला। ‘अमर उजाला’ में खबर प्रकाशन के बाद अभियंताओं को पता चला तो खलबली मच गई। तत्काल बरयिारपुर जाकर मध्य प्रदेश सिंचाई विभाग के अभियंताओं से विरोध जताया और काम रुकवाया। वहां के अधिकारियों के साथ बैठक की लेकिन एमपी के अभियंता कोई संतोषजनक अभिलेख पेश नहीं कर सके। पिछले 10 दिनों में दोनों राज्यों के सिंचाई विभाग अभियंताओं के बीच बरियारपुर में तीन बैठकें हो चुकी हैं लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
शनिवार को नहर खुदाई वाले स्थान पर मिट्टी को समतल करने का काम एमपी के ठेकेदार ने फिर शुरू कर दिया। बरियारपुर के ग्रामीणों ने इसका सूचना बांदा के सिंचाई विभाग अभियंताओं को दी। यहां सिंचाई प्रखंड तृतीय के अधिशासी अभियंता योगेश कुमार रावल ने तत्काल फोन पर मध्य प्रदेश सिंचाई विभाग अभियंताओं से संपर्क किया और काम शुरू कराने पर कड़ा विरोध जताया। इस पर मध्य प्रदेश ने काम रोक दिया। वहां के सिंचाई विभाग अवर अभियंता एमके दोहरे ने बताया कि खुदाई नहीं कराई जा रही थी। मशीनें खड़ी की जा रही थीं। बांदा अधिशासी अभियंता श्री रावल ने कहा कि अब यह मामला शासन में लंबित है। वहां से निस्तारण बगैर नहर का काम नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि एमपी ने जोर जबरदस्ती का रवैया अपनाया तो यूपी शासन और बांदा जिला प्रशासन से अनुरोध करके विवादित स्थल पर पुलिस तैनात कराई जा सकती है।