फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नहर निर्माण के लिए एमपी को चाहिए जमीन

Tue, 19 Jul 2016 11:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
विज्ञापन
यूपी की जमीन पर एमपी के सिंचाई विभाग द्वारा खोदी जा रही नहर। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
बांदा। मध्य प्रदेश स्थित उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की भूमि पर बिना यूपी सरकार की अनुमति के एमपी के सिंचाई विभाग द्वारा बनवाई जा रही नहर के मामले में एमपी ने अब यूपी की भूमि अपने नाम दर्ज कराने की कवायदें शुरू कर दी हैं। मध्य प्रदेश के सिंचाई विभाग ने पन्ना जनपद के जिलाधिकारी के जरिये बांदा के जिलाधिकारी को पत्र भेजकर भूमि मांगी है। यूपी की सीमा से जुड़े मध्य प्रदेश के पन्ना जनपद मेें बरियारपुर बांध स्थित है। इसका पूरा रखरखाव उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग करता है। बांध से केन नदी और नहर के जरिये बांदा को पानी मिलता है। बांध के आसपास की भूमि उत्तर प्रदेश सरकार के नाम दर्ज है। यह भूमि वर्ष 1969-70 में उत्तर प्रदेश सरकार के नाम दर्ज हो गई थी। पांच खसरा नंबरों में इस भूमि का कुल क्षेत्रफल 5.47 हेक्टेअर है। उत्तर प्रदेश का सिंचाई विभाग यह भूमि वहां के किसानों को अस्थाई पट्टे पर खेती के लिए हर साल दे देता है। हाल ही में मध्य प्रदेश सिंचाई विभाग ने इस भूमि पर यूपी सरकार की अनुमति लिए बगैर नहर खुदाई का काम शुरू कर दिया। कई दिनों तक जेसीबी और अन्य मशीनों से खुदाई चलती रही, लेकिन यूपी के सिंचाई विभाग को भनक नहीं लगी। ‘अमर उजाला’ द्वारा यह खबर छापे जाने पर बांदा सिंचाई विभाग के अभियंता मौके पर बरियारपुर गांव पहुंचे और विरोध जताकर नहर की खुदाई रुकवा दी।
विज्ञापन


इस बीच मौका मिलते ही मध्य प्रदेश का सिंचाई विभाग नहर की खुदाई शुरू कर देता है। उधर, अब मध्य प्रदेश के सिंचाई विभाग ने यूपी के नाम दर्ज जमीन वापस लेने की कवायदें शुरू कर दी हैं। हाल ही में पन्ना (एमपी) के कार्यपालन यंत्री (जल संसाधन संभाग) ने पन्ना कलेक्टर के जरिये बांदा के जिलाधिकारी सहित उत्तर प्रदेश के सिंचाई अधिकारियों को भेजे पत्र में कहा कि मझगांय मध्यम परियोजना का निर्माण कार्य अजयगढ़ तहसील में चल रहा है। इस बांध के अंतर्गत एप्रोच चैनल का निर्माण किया जाना जरूरी है। यह एप्रोच चैनल (नहर) केन नदी से 92 एमसीएम पानी मझगांय बांध मेें लाएगी। पत्र में कहा है कि एप्रोच चैनल जिन गांवों से निकलेगी उनमेें बरियारपुर गांव की कुछ भूमि का हिस्सा उत्तर प्रदेश शासन के नाम दर्ज है। पत्र में कहा गया है कि वर्ष 1969-70 मेें यूपी सरकार ने बांध निर्माण के लिए यह जमीन अपने नाम दर्ज करा ली थी। मध्य प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव ने भी इस भूमि को मध्य प्रदेश शासन को हस्तांतरित कराने का निर्देश दिया है। अपर मुख्य सचिव ने वीडिया कांफ्रेसिंग में नहर खुदाई का काम शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें