बांदा। पहाड़ों पर बर्फवारी और तेज चक्रवाती हवाओं से
गलन में इजाफा हो गया। अधिकतम तापमान चार और न्यूनतम तापमान दो डिग्री और
गिर गया।
दोपहर को भी धूप बेअसर रही। छुट्टी की वजह से स्कूली
बच्चों और कर्मचारियों को राहत रही। फिलहाल मौसम से राहत के आसार नहीं बताए
जा रहे हैं।
बुधवार से गलन में जबरदस्त इजाफा हुआ है। केंद्रीय जल
आयोग की मानें तो बृहस्पतिवार (24 दिसंबर) को ठंड ने चार साल का रिकार्ड
तोड़ दिया। अधिकतम पारा 14 डिग्री सेल्सियस पर आ गया।
इसके पहले 24
दिसंबर तक पारा वर्ष 2014 में अधिकतम 19, वर्ष 2013 में अधिकतम 24, वर्ष
2012 में 25.5 और वर्ष 2011 में अधिकतम 20 डिग्री रहा है।
इस साल
दिसंबर की शुरुआत न्यूनतम तापमान 14 डिग्री से हुई। अब यह सात डिग्री नीचे आ
गई है। बृहस्पतिवार को अधिकतम 14 (सामान्य से चार डिग्री कम) और न्यूनतम
सात डिग्री सेल्सियस (सामान्य से तीन डिग्री कम) तापमान रहा। पछुवा व
चक्रवाती हवाओं ने ठंड को और तकलीफदेह बना दिया।
सुबह घना कोहरा रहा और दिन में भी कोहरे की धुंध नहीं छंटी। धूप मंद और बेअसर रही। हवा के झोंके जिस्म कंपकंपाते रहे।
इसके
बाद भी प्रशासन या नगर पालिका द्वारा सभी सार्वजनिक स्थानों में अलाव की
व्यवस्था नहीं की गई। रोडवेज और स्टेशन में ही कुछ लकड़ियां जलाई गई हैं।
उधर,
एसडीएम सदर विनय कुमार पाठक ने बृहस्पतिवार को बांदा तथा तिंदवारी में
गरीबों को कंबल बांटे। सार्वजनिक स्थलों में अलावों का निरीक्षण किया।
बड़ोखर
प्रतिनिधि के मुताबिक डीएम के निर्देश पर नरैनी एसडीएम पुष्पराज सिंह और
तहसीलदार गिरिवर सिंह ने पनगरा, गुढ़ाकलां, नरैनी, गिरवां, गुढ़ा, बंडे आदि
गांवों में 312 कंबलों का वितरण किया। ग्रामीणों ने अलाव की मांग की।