बांदा। भाकपा और माकपा ने संयुक्त रूप से जारी किए खुले पत्र
में दावा किया है कि चित्रकूटधाम मंडल में भारी तादाद में किसान पलायन कर
गए हैं।
दोनों दलों ने दावा किया है कि पलायन करने वालों का आंकड़ा
55 फीसदी तक पहुंच गया है। कहा है कि मंडल के 10 ब्लाकों के 10 गांवों का
सर्वे किया है। उसी में यह तस्वीर सामने आई है।
भारतीय कम्युनिस्ट
पार्टी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) तथा मार्क्सवादी कम्युनिस्ट
पार्टी ने संयुक्त रूप से जारी खुले पत्र में बुंदेलखंड के किसानों की
बदहाली बयां करते हुए कहा है कि सर्वे में जो हालात उभर कर सामने आए हैं
उनके
मुताबिक बांदा, चित्रकूट, महोबा व हमीरपुर जिले में किसानों व मजदूरों का
जीवन बेहद कठिन है। औसतन 100 में 55 किसान पलायन कर गए हैं।
20 फीसदी गर्भवती महिलाएं कुपोषित हो गई हैं। उनके रक्त में हीमोग्लोबिन मात्र 6.5 बचा है। 93 फीसदी किसान कर्ज में डूबे हैं।
86
फीसदी किसानों के घर में सब्जी नहीं बनती। 67 फीसदी बच्चे पढ़ाई छोड़कर
बाहर कमाने चले गए हैं। 82 फीसदी जमीन परती पड़ी है। 17 फीसदी घरों में
दोनों वक्त चूल्हे नहीं जल रहे।
पाठा इलाके में 84 फीसदी लोग
महुवा, बेर व आम की गुठलियां खाकर जीवन गुजार रहे हैं। दवाओं के अभाव में
छह फीसदी लोगों की मौत हुई है। 22 फीसदी किसान जमीन बेंचकर खर्च चला रहे
हैं।
भाकपा जिला मंत्री डा. केवल सिंह, भाकपा माले जिला प्रभारी
रामप्रवेश यादव, भाकपा राज्य कौंसिल सदस्य डा. रामचंद्र सरस, राज्य कमेटी
सदस्य सुधीर सिंह ने प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री से चित्रकूटमंडल को
अकालग्रस्त घोषित करने की मांग की।
साथ्ा ही कर्ज व बिजली के बकाया
बिल माफ करने, खाद व बीज मुफ्त देने, किसानों व मजदूरों 35 किलो अनाज दो
रुपये किलो देने, 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजा देने, प्रति जानवर
रोज 70 रुपये भूसा-चारा के लिए देने, बांदा की कताई मिल चालू कराने की मांग
की।