Mountain worship in Parewa, Tilak done in Bhaiya Dooj
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दिवाली के अगले दिन परेवा और उसके बाद गोवर्द्धन पूजा व भैयादूज की धूम रही। गोबर के प्रतीकात्मक गोवर्द्धन पर्वत बनाकर पूजा अर्चना की गई। महिलाओं ने यम देवता का पूजन किया। कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया को भैयादूज के मौके पर बहनों ने भाइयों के रोली चावल से तिलक कर उनकी लंबी उम्र और खुशहाली की कामना की।
सोमवार को महिलाओं गोवर्धन पूजा की। गायों को फल-फूल आदि खिलाए। मंगलवार को यम द्वितीय पर मृत्यु के देवता यम का पूजन किया। उधर, भाई-बहन के अपार प्रेम के प्रतीक भइयादूज की घर-घर धूम रही। बहनों ने भाइयों की आरती उतारी रोली चावल, चंदन से टीका किया। भाइयों ने उन्हें उपहार दिए। भाई-बहनों के प्रेम के प्रतीक इस पर्व को मनाने के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं ससुराल से मायर्के आइं। कास्थ्य सभा (चित्रगुप्त परिवार) व चित्रांश ग्रुप ने चित्रगुप्त महाराज मंदिर व महेश्वरी देवी मंदिर में हवन पूजन किया।
कटरा स्थित मंदिर में कायस्थ सभा अध्यक्ष ह्दयेश कुमार निगम सहित अन्य चित्रांश बंधुओं ने आरती उतारी। कलम-दवात की पूजा की। संतोष कुमार श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष पुष्पेंद्र कुमार, शोभित निगम, सुधा श्रीवास्तव, उत्तम सक्सेना, सुरेंद्र निगम आदि उपस्थित रहे। जेल में आधा सैकड़ा से अधिक बहनों ने यहां निरूद्ध भाइयों को तिलक किया और लंबी उम्र की प्रार्थना की। डिप्टी जेलर वीरेश्वर प्रताप ने बताया कि बहनों को मुलाकात के लिए 10 मिनट का अतिरिक्त समय दिया गया था।