बांदा। चमरहा पुलिया मोड़ के पास मध्य प्रदेश की ओर से अचानक मौरंग लदे ट्रक आने से बाइक सवार अनियंत्रित हो गए। बचने के लिए बाइक दाहिनी ओर दौड़ाई तो ट्रक से टकरा गए। दोनों ट्रक के अगले हिस्से में फंसकर 20 मीटर तक घिसट गए। हादसे में दोनों की मौत हो गई। बाइक सवार हेलमेट भी नहीं लगाए थे। हादसे के बाद ट्रक चालक ट्रक को छोड़कर मौके से भाग निकला।
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के गौरिहार थाना क्षेत्र के हिनौती गांव निवासी प्रदीप (25) दिल्ली में रहकर काम करता था। बृहस्पतिवार की रात मटौंध थाना क्षेत्र के आलमखोड़ा गांव में फुफेरी बहन विनीता की शादी में शामिल होकर गांव के रमेश यादव (45) के साथ बाइक से खोड़न गांव निवासी रिश्तेदार के घर जा रहा था। चमरहा पुलिया मोड़ के पास बृहस्पतिवार की रात 10 बजे अचानक एमपी छतरपुर से मौरंग लदा ट्रक आने से तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर ट्रक से टकरा गई। दोनों ट्रक में फंसकर करीब 20 मीटर तक घिसटते चले गए।
हादसे के बाद चालक ट्रक छोड़कर मौके से भाग निकला। राहगीरों की सूचना पर पुलिस पहुंची और दोनों को अस्पताल ले गई। जहां डॉक्टर ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लिया है। मृतक प्रदीप के भाई विजय बहादुर ने बताया कि प्रदीप चचेरे भाई की शादी होने के चलते 18 जून को आया था। यहां के बाद वह फुफेरी बहन की शादी में शामिल होने आलमखोड़ गया था।
उधर, मृतक रमेश यादव के भतीजे सचिन ने बताया कि रमेश के भांजे रोहित की शादी 28 जून को है। रमेश अपनी बहन को चीकट का सामान देने के लिए गांव से प्रदीप को अपने साथ लेकर गया था। मटौंध थाना इंस्पेक्टर दीपेंद्र सिंह ने बताया कि हादसा मोड़ से निकलते वक्त बाइक सवारों के ट्रक में घुसने से हुआ है। दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। बाइक सवार हेलमेट नहीं लगाए थे।
साइड स्टोरी
लापरवाही और नियमों की अनदेखी से काल लील गया दो जिंदगियां
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। चमरहा मोड़ पर हुए हादसे में दोनों ही वाहन चालकों ने यातायात नियमों की अनदेखी की है। ट्रक चालक को मोड़ आने पर हार्न के साथ डिपर का प्रयोग करना चाहिए था। वहीं बाइक सवारों को भी नियंत्रित गति से वाहन चलाना चाहिए था। पुलिस के मुताबिक बाइक रफ्तार में होने और अचानक ट्रक सामने आने पर संतुलन बिगड़ने से हादसा हुआ। वहीं दोनों युवकों में किसी ने भी हेलमेट नहीं पहना था। अगर हेलमेट लगाया होता तो शायद जान बच जाती। जरा सी लापरवाही और नियमों की अनदेखी से दो घरों के चिराग बुझ गए।
मध्य प्रदेश के गौरिहार थाना क्षेत्र के हिनौती गांव निवासी प्रदीप के भाई विजय बहादुर ने बताया कि प्रदीप तीन भाइयों में छोटा अविवाहित था। पिता संतराम मजदूरी करते हैं। उधर, मृतक रमेश के भतीजे सचिन ने बताया कि रमेश खेती किसानी करते थे। चार भाइयों में तीसरे नंबर के अविवाहित थे। दोनों परिवारों में कोहराम मचा है।
हादसों पर एक नजर
आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023 में जिले में 522 सड़क हादसे हुए, जिनमें 265 लोगों की मौत हुई। वर्ष 2024 में 538 दुर्घटनाओं में 289 लोगों ने जान गंवाई। वर्ष 2025 में हादसों की संख्या बढ़कर 625 पहुंच गई और 298 लोगों की मौत हुई। वहीं, वर्ष 2026 में जनवरी से मई तक ही 270 सड़क दुर्घटनाओं में 138 लोगों की जान जा चुकी है।
मृतक रमेश यादव। फाइल फोटो।