बांदा। जिले में आयोजित पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा में इस बार अभ्यर्थियों की उपस्थिति चौंकाने वाली रही। कुल पंजीकृत छह हजार में से केवल 2764 परीक्षार्थी ही परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 3236 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। यह उपस्थिति दर मात्र 48 प्रतिशत रही। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम जिला प्रशासन द्वारा किए गए। सुबह आठ बजे से ही अभ्यर्थी परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने लगे। उन्हें कड़ी सुरक्षा जांच प्रक्रिया से गुजरना पड़ा, जिसमें बायोमीट्रिक और आइरिस स्कैनिंग प्रमुख थीं। इसके बाद प्रत्येक अभ्यर्थी को बारकोड जारी किया गया, जिससे उन्हें परीक्षा कक्ष में प्रवेश मिला।
इस बार की परीक्षा व्यवस्था को प्रशासन ने पूरी गंभीरता से लिया। जिलाधिकारी जे.रीभा व पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने कई केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। परीक्षा के दौरान किसी प्रकार की गड़बड़ी की खबर नहीं मिली, जिससे प्रशासन की सतर्कता साफ झलकती है।
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आधे से अधिक अभ्यर्थियों का परीक्षा में शामिल न होना चिंताजनक है। यह प्रवृत्ति पिछले कुछ वर्षों से देखने को मिल रही है, जहां छात्र आवेदन तो करते हैं, लेकिन परीक्षा में शामिल नहीं होते। इसके पीछे कई संभावित कारण हो सकते हैं। तैयारी अधूरी होना, अन्य विकल्पों की ओर रुझान, या फिर परीक्षा में बढ़ती सख्ती के चलते डर। परीक्षा शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से सम्पन्न हुई।
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रोडवेज में बढ़ी एकाएक अभ्यर्थियों की भीड़
बांदा:
पीसीएस परीक्षा समाप्त होते ही रोडवेज बस स्टैंड पर अभ्यर्थियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। फतेहपुर के पुरुष और चित्रकूट की महिला अभ्यर्थियों का परीक्षा केंद्र बांदा में था। शाम 4ः30 बजे परीक्षा समाप्त होते ही अभ्यर्थी फतेहपुर और प्रयागराज की ओर जाने वाली बसों में सवार होकर देर शाम तक गंतव्य के लिए रवाना हुए। (संवाद)
बांदा: पीसीएस परीक्षा के दौरान जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने कंट्रोल रूम से सभी 13 परीक्षा केंद्रों की निगरानी की। बायोमीट्रिक व आइरिस स्कैनिंग सहित सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखी गई। किसी भी गड़बड़ी या अव्यवस्था से निपटने के लिए अधिकारी अलर्ट मोड में रहे। (संवाद)
खानकाह इंटर कालेज में परीक्षार्थियों की आइरिश स्कैनिंग करते कर्मचारी। संवाद