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छह करोड़ का और कारोबार, दो दिन में 13 करोड़ की धनतेरस

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दिवाली की पूर्व संध्या पर आतिशबाजी की दुकानों में उमड़े आतिशबाजी के शौकीन ग्राहक। - फोटो : BANDA
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बांदा। शुभ मुहूर्त की तिथियों के फेर में अबकी धनतेरस का बाजार दो दिन चला। शुक्रवार को दूसरे दिन भी जमकर खरीदारी हुई। इस दिन छोटी दिवाली भी थी। ज्योतिषाचार्यों द्वारा तय किए गए मुहूर्त के अंतिम क्षणों से पहले तक बाजार आबाद रहा।
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दूसरे दिन ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने ज्यादा खरीदारी की। हालांकि पहले दिन की अपेक्षा व्यापार कुछ कम हुआ। व्यावसायियों के अनुमान के मुताबिक शुक्रवार को लगभग छह करोड़ रुपये की खरीदारी हुई। इसे मिलाकर जिले में दो दिन की धनतेरस में तकरीबन 13 करोड़ रुपये की लोगों ने खरीदारी की।
धनतेरस गुरुवार और शुक्रवार दो दिन मनाई गई। दूसरे दिन बाजार में ग्रामीण खरीदारों का पलड़ा भारी रहा। आसपास के गांवों के बाशिंदे ट्रैक्टर ट्रालियों पर शहर आए।
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धनतेरस की खरीदारी के साथ दीपावली की पूजन व आन्य सामग्री भी खरीदी। उधर, सराफा, वाहन, बर्तन, इलेक्ट्रानिक व अन्य त्योहार संबंधी सामग्रियों के बाजार में भारी भीड़ रही। अनुमानत: दूसरे दिन करीब 6 करोड़ रुपये की खरीद-फरोख्त हुई। इसमें सराफा और वाहन एक-एक करोड़, बर्तन डेढ़ करोड़, इलेक्ट्रानिक सामान 50 लाख और अन्य त्योहारी सामग्री का व्यापार का करीब 2 करोड़ रुपये का हुआ।
झाड़ू भी खूब बिकी, लाखों का कारोबार
बांदा। धनतेरस के शुभ मुहूर्त में झाड़ू भी खूब चली (बिकी)। दीपावली पर घर की विशेष तौर से सफाई होती है। इसमें झाड़ू का खास इस्तेमाल है।
इस दिन झाड़ू खरीदने की यह भी मान्यता है कि झाड़ू में लक्ष्मी की वास होता है। धनतेरस पर झाड़ू खरीदकर लाने से घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर हो जाती है। सिर्फ शहर में ही कई लाख रुपये की झाड़ू बिकी। उधर, शुक्रवार को छोटी दिवाली मनाई गई। लोगों ने घर के द्वार और पीपल के पेड़ तले दीपक जलाए।
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