बांदा। मानसूनी मौसम आधा बीत जाने के बाद भी चित्रकूटधाम मंडल के ज्यादातर बांध खाली हैं। सिर्फ चित्रकूट जिले के दो बांधों को छोड़कर कोई भी बांध में 50 फीसदी भी नहीं भर पाया। बारिश भी इन्हीं दो बांधों में सर्वाधिक रिकार्ड की गई है।
पिछले 24 घंटे के दौरान मंडल के सभी 13 बांधों में बारिश हुई है। सिंचाई प्रखंड तृतीय, बांदा के अंतर्गत आने वाले रनगवां (छतरपुर) बांध अब तक मात्र पांच फीसदी ही भर पाया है। पहली जून से अब तक यहां 185 मिलीमीटर बारिश हुई है। गंगऊ वियर में 389 मिलीमीटर वर्षा बताई गई है। बरियारपुर वियर (पन्ना) में 307 मिलीमीटर वर्षा हुई है।
मंडल में 465 मिलीमीटर औसत बारिश
बांदा। चित्रकूटधाम मंडल के बांध क्षेत्रों में भले ही बारिश कम हुई हो, लेकिन मंडल के चारों जिलों में शुरुआती दो माह में बारिश का औसत ठीकठाक है। 15 जून से अब तक मंडल में बारिश का औसत 465 मिलीमीटर है, जबकि पूरी वर्षा का औसत 817 मिलीमीटर है। यानी अब तक 56 फीसदी बारिश हुई है।
सिंचाई विभाग के मुताबिक 15 जून से अब तक सबसे ज्यादा 795 मिलीमीटर बारिश बांदा में रिकार्ड की गई है। चित्रकूट में 266, महोबा में 320 और हमीरपुर में 479 मिलीमीटर पानी बरसा है। बांदा और चित्रकूट में मानसूनी मौसम में वर्षा का कुल औसत 830 मिलीमीटर और महोबा व हमीरपुर में 805 मिलीमीटर है। अभी बारिश का आधा मौसम यानी दो माह बाकी हैं।
गंगऊ और बरियारपुर उफनाए, 37 हजार क्यूसिक पानी छूटा
बांदा। मानसून ट्रफ लाइन के प्रभाव से यूपी के अलावा सीमावर्ती मध्य प्रदेश में पिछले दो दिनों से हो रही बारिश में गंगऊ (छतरपुर) और बरियारपुर (पन्ना) वियर/बांध को उफना दिया है। यह दोनों केन नदी पर बने हैं।
गुरुवार को सुबह गंगऊ की क्रस्टवॉल से उफनाकर 37,920 क्यूसिक और बरियारपुर से 30,216 क्यूसिक पानी केन नदी में गिर रहा था। नदी का जल स्तर लगभग दो मीटर बढ़कर 96.2 मीटर का पैमाना पार कर गया है। खतरे का निशान 104 मीटर पर है। गंगऊ का जल स्तर 224.27 मीटर और बरियारपुर का 186.17 मीटर हो गया है।
उधर, बांधों के उफना जाने पर सिंचाई विभाग ने केन नहर में पानी डिस्चार्ज बढ़ा दिया है। मुख्य केन नहर 602 फिट गेज पर चलाई जा रही है। इसमें 1650 क्यूसिक पानी छोड़ा जा रहा है। अतर्रा ब्रांच 5.3 फिट गेज के साथ 1470 क्यूसिक पर चल रही है। बांदा ब्रांच को तीन फीट गेज पर चलाया जा रहा है। 168 क्यूसिक पानी डिस्चार्ज हो रहा है।