बांदा। मानसून इस बार 15 दिन पहले आया और पांच दिन देरी से विदा होगा। पांच अक्टूबर तक आसमान में बादल छाए रहेंगे और मध्यम बारिश भी होगी। बारिश धान की फसल के लिए फायदेमंद होगी। वहीं शुक्रवार की शाम झमाझम बारिश हुई। हालांकि बाद में आसमान खुल गया।
कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक दिनेश शाहा का कहना है कि बुंदेलखंड में अक्सर मानसून 15 जून से दस्तक देता है, लेकिन इस बार मानसून पहली जून को ही आ गया था। दो, पांच, नौ व 13 जून को जिले में झमाझम बारिश हुई थी। बारिश का यह सिलसिला चलता रहा। एक साल में 850 मिली मीटर बारिश होनी चाहिए, लेकिन इस बार 1150 मिली मीटर बारिश हुई है। जो सामान्य वर्षा से 350 मिली मीटर अधिक है।
मानसून की विदाई अमूमन 30 सितंबर को हो जाती है, लेकिन इस बार मानसून पांच अक्टूबर को विदा होगा। पांच दिनों तक आसमान में बादल छाए रहेंगे और मध्यम बारिश होगी। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पांच दिनों में करीब 30 मिली मीटर बारिश और हो सकती है। उधर, उप निदेशक कृषि डॉ. मनोज कुमार का कहना है कि बारिश से सर्वाधिक धान की फसल को फायदा होगा। धान को चौथे पानी की जरूरत है। बारिश से किसानों को धान में पानी नहीं लगाना पड़ेगा। हजारों रुपये सिंचाई का बच जाएगा।