नरैनी में जनसभा को संबोधित करते कांग्रेस सांसद गुलाम नबी आजाद।
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कांग्रेस सांसद गुलाम नबी आजाद ने भाजपा की केंद्र सरकार को किसान विरोधी बताया। दावा किया कि जब तक खाद्य सुरक्षा कानून को पूरी तरह लागू कर 75 फीसदी जनता को सस्ता अनाज नहीं देंगे हम (कांग्रेस सांसद) पार्लियामेंट और विधान सभा नहीं चलने देंगे। मोदी सरकार में दोगुना किसानों ने आत्महत्याएं कीं।
लोकसभा में विपक्ष नेता आजाद सोमवार को बांदा रोड स्थित जनसभा में केंद्र सरकार पर खूब भड़के। कहा कि लोकसभा चुनाव में जनता से किए गए एक भी वादे नरेंद्र मोदी की सरकार ने पूरे नहीं किए। कहा कि मोदी ने विदेशों में जमा काला धान वापस लाने की बात कही, लेकिन अब तक न काला धन आया और न ही किसी खाते में रुपये आए। कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यों की तारीफों से किसानों को लुभाने की कोशिश की।
कहा कि वर्ष 2007 में जब देश में किसान आत्महत्याएं कर रहे थे तब सोनिया गांधी के निर्देशन में डा.मनमोहन सिंह सरकार ने खाद्य सुरक्षा कानून बनाकर गरीबों को एक और दो रुपये प्रति किलो की दर से गेहूं-चावल मुहैया कराया। 70 हजार करोड़ रुपये किसानों का कर्ज भी माफ किया। वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद दोगुना किसानों ने आत्महत्याएं कीं। उन्होंने केंद्र में काबिज रहीं पूर्व कांग्रेस सरकार और प्रदेश में अखिलेश सरकार की योजनाएं गिनाईं। गठबंधन प्रत्याशियों को जिताकर विधान सभा पहुंचाने को कहा।
भीड़ से हाथ उठवाकर कांग्रेस प्रत्याशी भरतलाल दिवाकर के पक्ष में वोट देने और सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को दोबारा मुख्यमंत्री बनाने की अपील की। पूर्व विधायक हरवंश प्रसाद पांडेय, अमर सिंह राठौर, रईस अहमद, जगमोहन सिंह यादव, ब्लाक प्रमुख अवधेश सिंह, सत्यनारायण सोनकर, रामकिशोर सिंह राजपूत, पूर्व चेयरमैन संजय गुप्ता, नरेश प्रधान (हरियाणा), अब्दुल गफ्फार, विवेक बिंदु तिवारी समेत दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता मौजूद रहे। संचालन प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य साकेत बिहारी मिश्रा ने किया।