बांदा। बिसंडा के पांच गांवों में मनरेगा कार्यों का सत्यापन किया जाएगा। यह आदेश मंडलायुक्त दिनेश कुमार सिंह ने दिए। दरअसल, यहां पर योजना पर सबसे ज्यादा खर्च दिखाया गया है। सत्यापन मंडल स्तरीय अधिकारियों से कराया जाएगा। उन्होंने बिसंडा को मॉडल ब्लाक के रूप में विकसित करने के निर्देश भी दिए।
बुधवार को बिसंडा ब्लाक के निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने कहा कि सभी ग्राम पंचायतों में मनरेगा के कार्य चलते रहने चाहिए। मनरेगा कार्यों की जानकारी लेकर आयुक्त ने निर्देश दिए कि ऐसे कार्य कराए जाएं जिसमें ज्यादा से ज्यादा स्थानीय लोगों को फायदा मिले। सोशल ऑडिट टीम की सभी सूचनाएं प्राथमिकता से उपलब्ध कराने और इस प्रभावी ढंग से लागू करने को कहा। ब्लाक में वृद्धावस्था पेंशन के 284, विधवा के 38 लंबित प्रकरणों को तीन दिन में सत्यापित करने के निर्देश दिए।
कहा कि गांवों में पेंशन के पात्रों की सूची बनाकर प्राथमिकता से स्वीकृत कार्रवाई की जाए। ब्लाक में तैयार 36 सामुदायिक शौचालयों को स्वयं सहायता समूहों के जरिए 15 दिन के अंदर शुरू कराने को कहा। शेष 13 का निर्माण शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए।
खंड विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि सभी ग्राम पंचायत भवन को मिनी सचिवालय के रूप में संचालित कराएं। आयुक्त ने आउ गांव के प्राथमिक स्कूल का भी निरीक्षण किया। अध्यापकों को निर्देश दिए कि गांवों की बस्तियों में जाकर बच्चों को पढ़ाएं। स्वेटर, जूता आदि वितरण की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान जेडीसी रमेशचंद्र पांडेय, उप निदेशक (सूचना) भूपेंद्र सिंह यादव, बीडीओ मनोज कुमार सिंह आदि उपस्थित थे।