बांदा। लॉकडाउन से गांवों में मनरेगा कार्यों पर लगा ‘लॉक’ 20 अप्रैल से हट जाएगा। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए जॉबकार्डधारकों को काम देने की तैयारी लगभग पूरी हो गई। ग्राम्य विकास विभाग ने तीन हजार से अधिक कार्य स्थलों पर 50 हजार श्रमिकों को काम देने की कार्य योजना तैयार की है। पीएम और सीएम आवास योजना से स्वीकृत खुद के आवासों पर काम करने में भी मजदूरी दी जाएगी।
मनरेगा उपायुक्त जयप्रकाश मौर्या ने बताया कि जनपद में जॉब कार्ड धारक मजदूरों की संख्या 2 लाख 26 हजार 232 है। इनमें सक्रिय मजदूर एक लाख 50 हजार 112 हैं। प्रत्येक मजदूर को वर्ष में 100 दिन काम देने का प्रावधान है।
लॉकडाउन के चलते करीब चार हफ्तों से मनरेगा कार्य ठप होने पर मजदूरों के सामने आर्थिक संकट है। जॉबकार्डधारकों को काम देने के लिए शासन ने 20 अप्रैल से मनरेगा कार्य शुरू करने के आदेश दिए हैं।
इस पर ग्राम्य विकास विभाग ने तैयारी पूरी कर ली। दो हजार से अधिक ऐसे कार्य स्थल चिह्नित किए हैं, जहां कार्य के दौरान मजदूरों में सोशल डिस्टेंसिंग रहे। निजी कामों को ज्यादा तवज्जो दी गई है। जिन मजदूरों के पीएम आवास अधूरे हैं, वह खुद के ही आवास को बनाने का काम करेंगे। मजदूरी की नई दर 202 रुपये रोजाना से मिलेगी। पहले 182 रुपये प्रतिदिन मजदूरी थी। हाल ही में सरकार ने मजदूरों में 20 रुपये की वृद्धि की है।