‘कत्थक सरिता’ में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की महफिल सजी। एकल, सामूहिक और मल्हरी नृत्य आकर्षण का केंद्र रहा। बांदा घराने के संगीत और नृत्य गुरुओं के जीवन पर आधारित लघु फिल्म और वाद्य यंत्रों का प्रदर्शन हुआ।
नटराज संगीत महाविद्यालय द्वारा रविवार की रात रेलवे सामुदायिक भवन में आयोजित ‘कत्थक सरिता’ में छात्राओं ने एकल और सामूहिक नृत्य पेश कर समां बांधा। सृष्टि, कोलम, शिवांशी, दिव्यांशी गुप्ता, महक गुप्ता, आयुषी, आरोही, क्षमा, अनुष्का, प्रियंका वर्मा, हर्षिता सोनी और श्रद्धा का मल्हरी नृत्य आकर्षण का केंद्र रहा।
बांदा घराने के नृत्य और संगीत गुरुओं पंडित चंद्रपाल द्विवेदी, जहीर खां, बाबूलाल वर्मा, मनमोहन सिंह के साथ कथक गुरु रामदास के जीवन चरित्र पर आधारित लघु फिल्म (डाक्यूमेंट्री) दिखाई गई। भातखंडे संगीत महाविद्यालय, जबलपुर की छात्राओं उपासना उपाध्याय, आराधना नायक, डा.वर्षा अगलाव, डा.प्रीति सक्सेना का नृत्य दर्शकों ने सराहा। नृत्य का संचालन साधना उपाध्याय ने किया।
हारमोनियम पर मोहिनी पांडेय, तबले पर लोकेश मालवी और सारंगी पर हनीफ खां ने संगत की। इसके पूर्व प्रयाग संगीत समिति (इलाहाबाद) रजिस्ट्रार बलराम सिंह ने दीप जलाकर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत की। नंदकिशोर ने हनुमान चालीसा पाठ किया। नटराज संगीत महाविद्यालय प्रबंधक धनंजय सिंह ने आभार जताया।
संचालन संचय काकोनिया और दीनदयाल सोनी ने किया। इस दौरान पूर्व प्रधानाचार्य शमीम बानो व बाबूलाल गुप्ता, शिव प्रसाद भारती, सीमा सिंह, रानी दमेले, राजेंद्र, मनोज दीक्षित, पंकज रावत, सुनील कुमार, निशा गुप्ता, संत कुमार, आकांक्षा बरनवाल, सत्यनारायण, उमाकांत द्विवेदी, जेपी यादव, चंद्रिका प्रसाद दीक्षित, अंगद शर्मा, दिनेश निगम, ममता मिश्रा आदि उपस्थित रहे।