MLA stood still electricity was not restored
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बांदा। मंडल मुख्यालय बांदा शहर की बिजली आपूर्ति व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। ट्रांसफार्मरों में भीषण आग, लाइन टूटना और फाल्टों की बाढ़ आ गई है। बीती रात शहर के दो ट्रांसफार्मर आग का गोला बन गए। भाजपा विधायक भी आधी रात तक प्रभावित इलाकों में रहे, लेकिन बिजली आपूर्ति लगभग 16 घंटे बाद बहाल हो पाई। पेयजल संकट भी गहराया रहा।
शहर का कोई भी फीडर फाल्ट और ओवर लोड से अछूता नहीं रहा। उमस और गर्मी में बाधित हो रही गर्मी से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। बुधवार को शाम करीब छह बजे मर्दननाका अवस्थी भवन के सामने रखे दो ट्रांसफार्मरों में भीषण आग लग गई। फायर ब्रिगेड ने आग बुझाई। पूरा इलाका अंधेरे में डूब गया। सूचना मिलने पर विधायक प्रकाश द्विवेदी भी मौके पर आ गए। उन्होंने टेलीफोन पर अधिशासी अभियंता और एसडीओ को फटकार लगाई। कुछ ही देर बाद अधिशासी अभियंता (नगर) जितेंद्र सिंह, एसडीओ शत्रुघन सिंह, जेई कांता प्रसाद मौके पर आए।
विधायक ने रात में ही ट्रांसफार्मर बदलकर आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए। ट्रांसफार्मर तो देर रात आ गए, लेकिन विधायक के जाते ही अभियंता भी नदारद हो गए। विधायक प्रतिनिधि रजत सेठ के प्रयासों के बाद बिजली कर्मी ट्रांसफार्मर चालू करने नहीं आए। हजारों उपभोक्ता रात भर जागते रहे। बृहस्पतिवार को सुबह ट्रांसफार्मर चालू करने का काम शुरू हुआ। ठेकेदार सचिन मिश्रा की टीम ने दिन में 11 बजे आपूर्ति चालू की।
चार घंटे नहीं चला 400 एमवीए ट्रांसफार्मर
400 एमवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर चार घंटे भी नहीं चला। इसे चालू करते ही फाल्ट शुरू हो गई। ठेकेदार सचिन मिश्रा ने बताया कि 630 केवी ट्रांसफार्मर की ट्राली लगाकर आपूर्ति बहाल कर दी गई है। ट्रांसफार्मर की टेस्टिंग कराई जा रही है। ट्रांसफार्मर बदलने वाले स्टाफ में राकेश कुमार, सुरेश सिंह, मुन्ना, अन्नू, गोविंद आदि शामिल रहे।