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बुंदेलखंड पैकेज से बकरी पालन योजना की 11,890 बकरियां लापता

Wed, 21 Jan 2015 11:42 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
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चित्रकूटधाम मंडल में बुंदेलखंड पैकेज से लागू की गई बकरी पालन योजना बुरी तरह फ्लाप हुई। चार वर्ष पूर्व साढ़े चार करोड़ रुपये की करीब 14,740 बरबरी नस्ल की बकरी-बकरों में मात्र 2850 बकरियां ही लाभार्थियों के पास पाई गईं हैं।
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11,890 बकरियों का कुछ अता-पता नहीं हैं। पशुपालन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि लाभार्थी इन बकरियों की मौत बता रहे हैं। मंडल में चारों जिलों में हुई जांच में यह गड़बड़ झाला उजागर हुआ है।

चित्रकूटधाम मंडल में बुंदेलखंड पैकेज से बकरी पालन योजना की शुरुआत वर्ष 2010 में हुई। चारों जनपदों में पशुपालन विभाग ने बीपीएल परिवारों के लाभार्थियों का चयन किया। एक लाभार्थी को एक यूनिट (10 बकरियां व एक बकरा) दिया गया।
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मुख्य पशु चिकित्साधिकारियों ने चार करोड़ 68 लाख 87 हजार रुपये कीमत की यह बकरियां इटावा से खरीदी जाना बताई थीं। प्रति बकरी की कीमत 3181 रुपये दर्शाई गई।

इनमें बांदा में 400 यूनिट यानी 4400 बकरियां, महोबा में 300 यूनिट यानी 3300, हमीरपुर में 380 यूनिट यानी 4180 और चित्रकूट जनपद में 260 यूनिट यानी 2860 बकरियां बांटी गईं लेकिन अब जांच में चारों जनपदों में मात्र 2850 बकरियां ही लाभार्थियों के पास पाई गई हैं। लाभार्थियों का कहना है कि चंद महीनों में ही आधे से ज्यादा बकरियों की मौत हो गई। 

मुख्यमंत्री के आदेश पर मंडलायुक्त ने चारों जनपदों के जिलाधिकारियों को जांच कराने के आदेश दिए। डीएम ने बीडीओ और लेखपालों के माध्यम से जांच कराई। सभी जनपदों में 14,740 बकरियों की जगह सिर्फ 2850 बकरियां ही लाभार्थियों के घर मिलीं। इनमें भी चंद बकरियां स्वस्थ्य हैं। इन चार सालों में तीन करोड़ 78 लाख 22 हजार की 11,890 बकरियां मर जाना बताया गया है।  

पुरानी का पता नहीं, नई खरीद की तैयारी
पुरानी बकरियों का अता-पता नहीं है और इस वर्ष फिर 468 यूनिट बकरियां खरीदी जा रही हैं। चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों में 117 यूनिट (10 बकरियां और एक बकरा) बरबरी बकरियों की खरीद होनी है।

नई खरीद में बकरियों का रेट भी बढ़ गया है। अब 3181 की जगह 3550 रुपये में प्रति बकरी खरीदी जा रही है। इस तरह पैकेज से इस वित्तीय वर्ष में एक करोड़ 82 लाख 75 हजार रुपये की बर्बरी बकरी खरीद की तैयारी है।

हमीरपुर को छोड़ बांदा, महोबा व चित्रकूट में 17-17 यूनिट  बकरियां खरीद कर लाभार्थियों को दे दी गई हैं। इस पर 1.81 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं।

बरबरी के प्रतिकूल है यहां का वातावरण
बांदा। उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.महेश कुमार का कहना है कि बुंदेलखंड में बरबरी बकरियों के लिए वातावरण अनुकूल नहीं है। इस वजह से यहां बकरियां मर रही हैं। प्रति बकरी 200 रुपये बीमा प्रीमियम कटता है। ऐसे में बीमा कंपनी भी बीमा देने से कतराती है। सरकार को चाहिए कि यहां के वातावरण के अनुकूल देसी बकरियां योजना में दी जाएं। इससे स्थानीय बकरी पालकों की भी आय बढ़ेगी। बकरियां भी नहीं मरेंगी।

वितरण में नहीं हुआ घपला
उप निदेशक, पशुपालन विभाग के डा.चंद्रदत्त शर्मा कहते हैं, शासन के आदेशों का पूरी तरह अनुपालन किया गया है। विभाग की ओर से सभी लाभार्थियों को बकरियां बांटी गई हैं। बकरी वितरण में कहीं भी किसी तरह कोई घपला नहीं हुआ। जितनी बकरियां मरी हैं उनमें अधिकांश का बीमा क्लेम दिया गया है। कुछ का रह गया है उन्हें भी जल्द ही दिया जाएगा।
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