फोटो - 02 सलामतपुर गांव के पास क्षतिग्रस्त नहर की साइडिंग वॉल। संवाद
करतल। ओवरलोड ट्रकों के संचालन से नहर माइनर की पुलिया की सेफ्टी वॉल क्षतिग्रस्त हो गईं हैं। इससे स्थानीय लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रामीणों ने कहा कि मलबा गिरने से खेतों की सिंचाई में बाधा खड़ी हो गई है। सिंचाई विभाग प्रखंड तृतीय के अंतर्गत मुख्य नहर भांवरपुरवा हेड से निकली है, जो लिंक माइनर बिल्हरका, करतल रजबहा, पंचमपुर, कनाय होते हुए बड़ैछा टेल तक किसानों को सिंचाई का पानी उपलब्ध कराती है।
बड़ैछा, सलामतपुर लिंक कैनाल में बनी पुलिया की सेफ्टी वॉल ओवरलोड ट्रकों के संचालन से टूट गई हैं। इससे पानी प्रवाह का रास्ता भी ब्लॉक हो गया है। बडै़छा गांव निवासी बलराम पांडेय, हरिशंकर पांडेय, विनय, राजकिशोर, रमेश आदि ने बताया कि ओवरलोड ट्रक माइनर नहर के ऊपर से निकलते हैं। सलामतपुर गांव के पास माइनर कैनाल की पुलिया बनी है।
इसके ऊपर मजबूत स्लैब पड़ी हुई थी। वहां तत्काल मोड़ होने की वजह से माइनर कैनाल की पुलिया के ऊपर बनी सेफ्टी वाॅल को तोड़कर नीचे गिरा दिया गया है। इससे किसानों को सिंचाई के लिए पानी की बाधा उत्पन्न हो गई है। वहीं सिंचाई के लिए पानी न आने पर किसानों में भारी आक्रोश है। उन्होंने कहा कि ट्रकों के संचालन का मानक होता है। मानक के विपरीत ओवरलोड ट्रक निकलने से पुलिया टूट गईं हैं।
वर्जन
सिंचाई विभाग प्रखंड तृतीय के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि अवर अभियंता को भेज कर जांच करवाई जाएगी। पुलिया तोड़ने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। कहा कि शासन करोड़ों रुपए खर्च कर पानी की व्यवस्था को ठीक करवा रही है, वहीं दूसरी तरफ ओवरलोड ट्रकों से निर्माण को नुकसान पहुंच रहा है। यह किसी भी स्थिति में मान्य नहीं होगा।