बांदा। ‘साहेब, मैं डिरात हूं कै सरकार से मिलो दुई लाख का चिक बैंक वाले कहूं मोरे करिज खाते में न पलटा दैवैं। मोरे ऊपर करीब दुई लाख का करिज बनाए हवैं बैंक वाले। मुहिका दस हजार से ऊपर नहीं दीन हैं’।
यह कहना है माधौपुर गांव के 60 वर्षीय अच्छेलाल का। यह वही अच्छेलाल है, जिनसे 2008 में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मुलाकात की थी।
तब राहुल ने अच्छेलाल को मदद दिलाने का भरोसा दिया था। इस भरोसे के बाद अब मुख्यमंत्री राहत कोष से दो लाख की सहायता मिली है।
माधौपुर निवासी अच्छेलाल अपनी पत्नी कल्ली और दो नाबालिग पुत्रों महेश और राजेश के साथ जिंदगी बसर कर रहा है। अक्सर बीमार रहने की वजह से वह काम धंधा नहीं कर पाता है। ऐसे में उसकी पत्नी कल्ली मजदूरी कर घर चला रही है।
मंगलवार को डीएम सुरेश कुमार ने माधौपुर जाकर अच्छेलाल को यह चेक सौंपा और लोहिया आवास भी मंजूर होने की जानकारी दी। पैसा मिलने के बाद अच्छेलाल को यह डर है कि कहीं उसका पैसा बैंक बकायेदारी में हजम न कर जाए। डीएम के साथ सपा जिलाध्यक्ष शमीम बांदवी भी थे।
अच्छेलाल ने बताया कि कागज पर अंगूठा लगवाकर उसके नाम दो लाख निकाला गया और उसे 10 हजार भी नहीं मिला। अब डर है यह पैसा भी हजम न हो जाए। अच्छेलाल ने कहा कि अगर उसको यह पैसा पूरा का पूरा मिला तो इससे अपना इलाज कराएगा।
बच्चों को पढ़ाएगा और परिवार की परवरिश करेगा। बुधवार को स्वयंसेवी और ‘अन्नदाता की आखत’ के संयोजक आशीष सागर फिर अच्छेलाल के घर पहुंचे। आशीष ने बताया कि तंगहाली के चलते अच्छेलाल के पुत्र महेश ने 9वीं कक्षा से पढ़ाई बंद कर दी। दूसरा छोटा पुत्र राजेश 8वीं मेें पढ़ रहा है।
डीएम सुरेश कुमार का कहना है कि मुख्यमंत्री द्वारा स्वीकृत किए गए दो लाख रुपये का चेक अगर बैंक वालों ने अच्छेलाल के खाते में जमा करने की कोशिश की तो बैंक प्रबंधक के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने बताया कि अच्छेलाल छह बीघे जमीन का पट्टेदार है। ओला और अतिवृष्टि से उसकी खेती को नुकसान पहुंचा है। उसे दो चरणों में क्रमशा: 11,958 और 5,956 (कुल 18,000 रुपये) कृषि अनुदान दिया जा चुका है।