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लाखों रुपये खर्च पर थाने नहीं हुए हाइटेक

Sun, 21 Dec 2014 10:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
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चित्रकूटधाम मंडल में थानों और रिपोर्टिंग पुलिस चौकी को हाइटेक बनाने की सरकारी मंशा परवान नहीं चढ़ रही है। मंडल के लगभग 43 थानों में साल भर पूर्व भेजे गए करीब 40 लाख के कंप्यूटर धूल खा रहे हैं।
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तकनीकी विशेषज्ञ के बिना क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम पूरे मंडल में लागू नहीं हो पा रहा। महज 15 थानों में सिस्टम काम चलाऊ चल रहे हैं। चित्रकूट में अभी तक इस सिस्टम की शुरुआत भी नहीं हुई, जबकि यह जिला दस्यु प्रभावित है।

दूसरे चरण में प्रदेश के अन्य जिलों के साथ चित्रकूटधाम मंडल में भी सीसीटीएसएनएल लागू हुआ। वर्ष 2013 में इसे अमलीजामा पहनाया गया।

सभी कोतवाली, थानों, रिपोर्टिंग पुलिस चौकी में चार-चार एलईडी कंप्यूटर लगाने के साथ इन्हें इंटरनेट से जोड़ा गया। साथ ही डीआईजी दफ्तर से लेकर एसपी, एएसपी और सभी सीओ दफ्तर को भी कंप्यूटरों तथा इंटरनेट से लैस किया गया।
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जनरेटर, इनवर्टर और यूपीएस की व्यवस्था की गई। मंडल में चार कोतवाली, 49 थानों और छह रिपोर्टिंग पुलिस चौकी में कंप्यूटर लगाने में लखनऊ की एक कंपनी को करीब 32 लाख रुपये दिए गए। पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया, लेकिन ये सिपाही सिर्फ की बोर्ड चलाना सीख पाए।

कंप्यूटर का अन्य ज्ञान इन्हें नहीं दिया गया। नतीजतन लगभग सभी थाना चौकियों में ऑनलाइन एफआईआर और अन्य काम नहीं हो पा रहे हैं।

बांदा : कोतवाली देहात, मटौंध, महिला थाना, चिल्ला, जसपुरा, कालिंजर, गिरवां, कमासिन, मरका, बदौसा, फतेहगंज थाना। हमीरपुर : ललपुरा, महिला थाना, मौदहा, बिवांर, सिसोलर, राठ, मुस्करा, मझगवां, जरिया, जलालपुर, चिकासी।
महोबा : थाना कबरई, महिला थाना, श्रीनगर, चरखारी, खरेला, खन्ना, महोबकंठ, पनवाड़ी, अजनर।

सभी थानों में कंप्यूटर चालू कर उन्हें जल्द ही ऑनलाइन किया जा रहा है। 15 थानों में यह व्यवस्था लागू हो चुकी है। यहां अभी आफलाइन रिपोर्ट दर्ज कर बाद में ऑनलाइन किया जा रहा है।

 जल्द ही पूरी तरह ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज होगी। बीएसएनल से करार है, अभी सभी जगह इंटरनेट नहीं जोड़ा गया इसलिए दिक्कतें आ रही हैं। कंप्यूटर में तकनीकी फाल्ट के लिए सभी जगह उन्हें दौड़-भाग करनी पड़ रही है। -
महतोष मिश्रा, प्रभारी डीटीसी सेंटर, पुलिस लाइन, बांदा

जहां-जहां इंटरनेट कनेक्शन हो गया है, वहां ऑनलाइन एफआईआर दर्ज की जा रही है। कुछ जगह इंटरनेट नहीं लगा। अभी योजना की शुरुआत है। नए साल में सख्ती से यह सिस्टम सभी थानों लागू हो जाएगा और ऑनलाइन एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। -बीआर मीणा, पुलिस उप महानिरीक्षक, चित्रकूटधाम परिक्षेत्र, बांदा
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