करतल । वन प्रक्षेत्र वन रक्षक द्वारा गुपचुप ढंग से लाखों की लकड़ी और आम बेंचने की जांच वन विभाग के अधिकारियों ने शुरू कर दी है। बची लकड़ी इकट्ठा की जा रही है। इसकी नीलामी कराई जाएगी। करतल से शंकर बाजार तक 16 किलोमीटर क्षेत्र में फैले वन प्रक्षेत्र में पिछले दिनों आई आंधी में सौ से ज्यादा पेड़ गिरे थे।
करतल वीट के वन रक्षक ने लकड़ी गायब कर दी और बिना नीलामी आम के बाग के फल तोड़वाकर बाजार में बेंच लिया। ‘अमर उजाला’ ने दो दिन पूर्व इस संबंध में खबर प्रमुखता से प्रकाशित कर अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया। वन विभाग के अधिकारियों ने इस मामले का संज्ञान लिया। वन विभाग की टीम बची पेड़ की लकड़ियां इकट्ठा कराकर नीलामी की तैयारी कर रही है।
वन दारोगा आफताब खान ने मामले की जांच की। उन्होंने बताया कि बिना शासकीय बोली के आम तुड़ान व गिरे वृक्षों की समय से सूची न दे पाने और आरा मशीन में अवैध लकड़ी चिरान के संबंध में करतल बीट के वन रक्षक को रेंजर कार्यालय से नोटिस दी गई है। उधर, रेंजर केके जायसवाल ने बताया कि प्रशासनिक कार्रवाई के लिए डीएफओ कार्यालय को पत्र भेजा है। मामले की जांच शुरू हो गई है। 40 क्विंटल आम मार्केट में बेचने की भी जानकारी मिली है। आम की तोड़ाई रोकवा दी। गिरे पेड़ों को इकट्ठा कराया जा रहा है।