बांदा। संदिग्ध परिस्थितियों में प्रवासी मजदूर का शव रविवार की सुबह घर के सामने लगे नीम के पेड़ के नीचे मिलने से हड़कंप मच गया। ग्रामीणों में फांसी लगाकर खुदकुशी करने की जहां चर्चा रही, वहीं परिजन जहरीला पदार्थ खिलाने या अधिक शराब पीने से मौत होने की आशंका जता रहे हैं। घटना के वक्त भी मृतक शराब के नशे में था।
बिसंडा थाना क्षेत्र के बछौंधा गांव निवासी रामनाथ के बेटे राजेंद्र (23) का रविवार को सुबह घर के सामने लगे नीम के पेड़ के नीचे शव मिला। ग्रामीणों ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर लेने की सूचना परिजनों और पुलिस को दी। कुछ देर बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
इस बाबत युवक के मामा रामप्रकाश ने बताया कि पेड़ में न फंदा था और न गले में फांसी का निशान मिला। जहर खिलाने या पुरानी शराब पीने से मौत होने की आशंका जताई है। बताया कि घटना के वक्त राजेंद्र शराब के नशे में था। मां सावित्री से रुपये मांग रहा था।
मां ने दो सौ रुपये दिए और खेत धान की बेड़ लगाने चली गई। यह भी बताया कि राजेंद्र ने सुबह घर में फांसी लगाने का प्रयास किया था। परिजनों ने उसे बचा लिया था। इसके बाद वह घर से निकल गया और कुछ देर बाद शव मिला। मृतक हरियाणा में ईंट-पथाई का काम करता था। बड़े भाई अरविंद की शादी में शामिल होने के बाद 18 जून को घर आया था, तब से यहीं था।
फंदे पर लटका मिला प्रवासी का शव
बांदा। बिसंडा थाना क्षेत्र और ओरन पुलिस चौकी अंतर्गत विशाल पुरवा में रविवार को सुबह माता प्रसाद के बेटे रामकिशोर (32) का घर के पीछे बगीचे में फांसी पर शव लटका मिला। चाचा राममूरत ने बताया कि मृतक का मानसिक संतुलन ठीक नहीं रहता था। शनिवार की रात घरवालों के सो जाने के बाद बाहर निकल गया था। सुबह ग्रामीणों ने बगीचे में साड़ी के फंदे पर शव लटका देखा। तीन भाइयों में बड़ा था।
युवक अपनी पत्नी रेखा और चार बच्चों के साथ बंगाल में मजदूरी करता था। दो माह पूर्व लॉकडाउन के समय सपरिवार घर लौट आया था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।