बांदा। मोहर्रम की आठवीं पर मेहंदी ताजिया जुलूसों
में भारी भीड़ रही। आधा दर्जन से ज्यादा ताजियों का सुबह कोतवाली के सामने
परंपरागत मिलाप हुआ। यहां से ताजियों के दो अलग-अलग जुलूस शहर के अलग-अलग
रूटों पर रवाना हुए। दोनों ही भारी हुजूम रहा। जगह-जगह लंगर लुटाए गए।
कई
वर्षों से मेहंदी ताजिया आयोजक लेट-लतीफी करते हुए दोपहर तक मिलाप करते
थे। इस वर्ष नवरात्र के विसर्जन जुलूस के मद्देनजर मेहंदी ताजिये इमामबाड़े
से सुबह जल्दी निकाले गए। मर्दननाका से सब्जी फरोश बिरादरी, अलीगंज से
कोदउवा जनाना तथा पीरा व टिर्री की मेहंदी, दरी वालों की मेहंदी, खुटला से
मनिहार बिरादरी के मेहंदी ताजिया रवाना हुए।
कोतवाली के सामने से
ये जुलूस दो भागों में बंटकर शहर के लिए निकल पड़े। जगह-जगह लंगर लुटाए गए।
दोनों ही जुलूसों में भारी संख्या में युवक शामिल रहे। इस बार भी मेहंदी
जुलूसों में सांप्रदायिक सौहार्द की बानगी दिखी। कई स्थानों पर हिंदू
भाइयों ने लंगर किए।
विसर्जन जुलूस के मद्देनजर सुबह 10 बजे तक यह
जुलूस समाप्त हो गए। सभी ताजिये अपने-अपने इमामबाड़ों में रख दिए गए।
शुक्रवार को 9वीं मोहर्रम पर रात भर ढाल सवारी निकलेगी। शहर में डेढ़ सौ से
ज्यादा स्थानों पर अंगारों से दहकते अलाव कूदे जाएंगे।