बांदा। रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में 25 फीसदी चिकित्सक शिक्षकों की कमी है। इसको लेकर नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने सख्त रुख अपनाया है। गलत और भ्रामक रिपोर्ट देने पर एनएमसी ने न केवल जुर्माना लगाया बल्कि मान्यता रद करने की भी नोटिस दी है।
एनएमसी ने पोर्टल के माध्यम से एक ऑनलाइन सर्वे कराया था। इसमें कॉलेज का विवरण विशेषज्ञों ने सही नहीं पाया। लेक्चरर और असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती में कई बिंदुओं पर कमी पाई गई। इस पर कॉलेज प्रशासन से स्पष्टीकरण मांगा गया। ठोस और संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर एनएमसी ने रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज पर दो लाख का जुर्माना लगाया। हालांकि बोर्ड ने उदार रुख अपनाते हुए वर्ष 2024-25 के लिए स्नातक (एमबीबीएस) के लिए 100 सीटों के नवीनीकरण की अनुमति देने का फैसला किया है। लेकिन दो लाख रुपये जुर्माना जमा करना होगा।
दो महीने बाद होगा पुनर्मूल्यांकन
दो माह बाद एनएमसी की ओर से पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा। इस दौरान पुन: कमियां मिलने पर एमएमएमईआर-2023 के तहत कठोर कार्रवाई करने की भी चेतावनी दी गई है।
मेडिकल कॉलेज ने भरा जुर्माना
रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल एसके कौशल ने बताया कि एनएमसी द्वारा लगाया गया जुर्माना शनिवार को जमा कर दिया गया है। बताया कि जिन बिंदुओं पर विशेषज्ञों द्वारा कमी पाई गई है उन्हें समय रहते पूरा कर लिया जाएगा।