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अयोध्या से आगे निकला मेडिकल कॉलेज

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बांदा। आरटीपीसीआर टेस्ट में भगवान श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या नगरी से उनकी तपोभूमि स्थल चित्रकूटधाम मंडल में स्थित बांदा मेडिकल कालेज आगे निकल गया है। यहां मेडिकल कालेज ने आरटीपीसीआर जांच में हॉॅफ मिलियन यानी पांच लाख टेस्ट का आंकड़ा पार कर लिया है।
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करीब 10 माह पूर्व शुरू हुईं ग्यारह नई बीएसएल-2 लैब में यह आंकड़ा छूने वाला पहला मेडिकल कॉलेज बन गया। अयोध्या मेडिकल कालेज तीसरे स्थान पर है। टेस्टिंग में फिसड्डी मेडिकल कालेजों में जालौन 10वें व कन्नौज 11वें नंबर पर हैं। कोविड-19 की पहली लहर में आरटीपीसीआर (रियल टाइम पाली मरेज चौन रिएक्शन) जांच का दायरा बढ़ाने के मद्देनजर शासन ने 28 पुरानी लैब के अलावा पिछले वर्ष पहली सितंबर को 11 और नई लैब मेडिकल कालेज में शुरू की थी।
इसमें बांदा समेत जालौन, कन्नौज, अयोध्या, बदायूं, फिरोजाबाद, आजमगढ़, बस्ती, बहराइच, अंबेडकर व सहारनपुर मेडिकल शामिल हैं। बुधवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, बांदा मेडिकल कालेज ने अब तक 5,05,225 आरटीपीसीआर टेस्ट किए हैं।
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नई लैबों में अब तक हुए टेस्टों में यह सबसे ज्यादा है। कोविड-19 संदिग्धों के नमूनों की टेस्टिंग में सबसे फिसड्डी जालौन और कन्नौज मेडिकल कॉलेज हैं। जालौन में अब तक 1,95,498 आरटीपीसीआर टेस्ट हुए। इसी तरह कन्नौज मेडिकल कॉलेज में 1,54,688 नमूने टेस्ट किए गए।
प्रधानाचार्य डा. मुकेश कुमार यादव ने बताया कि हॉॅफ मिलियन का आंकड़ा प्राप्त कर बांदा मेडिकल कालेज नई लैबों में अव्वल घोषित हुआ है। कोरोना के विरुद्ध संघर्ष में टेस्टिंग, ट्रेसिंग व ट्रीटमेंट (ट्रिपल-टी) मूल मंत्रों का पालन करते हुए यह उपलब्धि हासिल की है। बीएसएल-2 लैब के नोडल आधिकारी डॉ. दिलीप कुमार ने बताया कि टीम की मेहनत से यह सफलता पाई है। डीएम आनंद कुमार सिंह और बीएसएल लैब के उच्चाधिकारियों ने सराहना की है।
ग्यारह नई आरटीपीसीआर लैब में जांच का ब्योरा---
मेडिकल कॉलेज कुल जांच
बांदा 5,05,225
आजमगढ़ 4,49,267
अयोध्या 3,37,041
सहारनपुर 3,22,170
फिरोजाबाद 2,97,042
बहराइच 2,89,582
बदायूं 2,82,497
अंबेडकर नगर 2,40,750
बस्ती 2,13,770
जालौन 1,95,498
कन्नौज 1,54,688
बांदा मेडिकल कालेज ने यूं किए पांच लाख टेस्ट
पहली सितंबर 20 : 100
18 दिसंबर : 1,00,000
10 फरवरी 2021 : 2,00,000
5 अप्रैल : 3,00,000
30 मई : 4,00,000
14 जुलाई : 5,00,000
ट्रीटमेंट में बेहतर प्रदर्शन रहा कालेज का
मेडिकल कॉलेज प्रधानाचार्य डा. मुकेश कुमार यादव ने बताया कि कोविड-19 के दौरान ट्रीटमेंट क्षेत्र में भी मेडिकल कालेज का बेहतर प्रदर्शन रहा है। दूसरी लहर में कई जानें गईं, इसका दुख है, लेकिन मौत से जूझ रहे सैकड़ों मरीजों की जान बचाने में यहां के डाक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों ने अपनी जान लगा दी। बेहतर इलाज से सेहतमंद होकर बड़ी संख्या में मरीजों ने घर वापसी की। उन्होंने कोरोना की संभावित तीसरी लहर से पूर्व लोगों को टीकाकरण के लिए प्रेरित किया। यह भी बताया कि कालेज में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित हो चुका है। अब यहां ऑक्सीजन की कमी नहीं होगी।
बीएसएल लैब की क्षमता तीन हजार जांच की
मेडिकल कॉलेज में स्थित बीएसएल-2 लैब में दो आरटीपीसीआर टेस्टिंग मशीनें संचालित हैं। रोजाना तीन हजार जांच की क्षमता है। रोजाना औसतन 2850 नमूनों की जांच की जा रही है। बुधवार को लैब में 2935 स्वॉब नमूने टेस्ट किए गए। कोरोना की दूसरी लहर में संदिग्धों के नमूनों की संख्या बढ़ने पर जांच रिपोर्ट आने में दो से तीन दिन का समय लग रहा था। हालांकि, अब कोरोना की रफ्तार थमने से 24 घंटे में आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट मिल रही है।
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