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Banda News: अधिकतम पारा गिरा, बढ़ी गलन, 30 से ज्यादा मरीज ट्रॉमा सेंटर पहुंचे

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फोटो- 06 ट्रामा सेंटर में भाप लेने के लिए लगी बच्चों की भीड़। संवाद
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- शनिवार को छुट्टी के दिन दोपहर 12 बजे तक रही ओपीडी
- ट्रामा सेंटर की ओपीडी में मरीजों का आकड़ा पहुंचा 100 के पार
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। गलन के साथ बर्फीली हवाओं ने मौसम का मिजाज बदलकर रख दिया है। जिला अस्पताल में शनिवार को सर्दी से हालत बिगड़ने वालों की संख्या में इजाफा रहा। छुट्टी के चलते जिला अस्पताल की ओपीडी दोपहर 12 बजे तक रहने के चलते ट्रामा सेंटर में मरीजों की खासी भीड़ रही। शनिवार को सर्दी से हालत बिगड़ने पर 30 से ज्यादा मरीज भर्ती किए गए। जबकि ट्रामा सेंटर में दिखाने वाले मरीजों का आंकड़ा 100 के पार पहुंच गया। आम दिनों की अपेक्षा भर्ती मरीजों व ओपीडी का आंकड़ा दो गुना रहा।
जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में महेंदू गांव निवासी आशा देवी (42), जौरही गांव निवासी मुन्नी देवी (50), मर्दननाका निवासी आकांक्षा (15), अतर्रा चुंगी निवासी रामभवन (25), किलेदार का पुरवा फुलमतिया (70), पतपुरवा गांव निवासी सरोजा (27), बलखंडी नाका मोहल्ला निवासी कुसुमा (65), छाबी तालाब निवासी समन (18), कालूकुआं निवासी उमा (45), अर्दली बाजार निवासी शशि (65), अलीगंज मोहल्ला निवासी राजेंद्र (73), बरगहनी निवासी बारेलाल (29), उमरहनी गांव निवासी बिटोला (16), पदमाकर चौराहा निवासी नसीम बानो (50), गुरेह गांव निवासी संध्या (18), छोटी बाजार निवासी सागर (30) समेत 30 लोगों को सर्दी लगने, सीने के दर्द, श्वांस, ब्लड प्रेशर आदि के चलते भर्ती कराया गया है।
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जिला अस्पताल में छुट्टी के दिन दोपहर 12 बजे तक की ओपीडी रहने के चलते दोपहर 12 बजे के बाद ट्रामा सेंटर में मरीजों की भीड़ रही। यहां वरिष्ठ ईएमओ डॉ. विनीत सचान की ओपीडी में 100 से ज्यादा मरीज पहुंचे। किसी को पेट दर्द, तो किसी को सर्दी लगने की परेशानी थी। डॉ. विनीत सचान ने बताया कि सर्दी से हालत बिगड़ने पर 30 से ज्यादा मरीजों को उनकी ओपीडी में भर्ती कराया गया है। सभी का इलाज किया जा रहा है।
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बोले डॉक्टर
ट्रॉमा सेंटर में तैनात वरिष्ठ ईएमओ डॉ. विनीत सचान ने बताया कि तापमान और गिरने से सर्दी के मरीजों में इजाफा हुआ है। ज्यादातर मरीज श्वांस, पेट दर्द, कोल्ड डायरिया, बुखार से ग्रसित होकर आए थे। भर्ती करने लायक मरीजों को भर्ती कराया गया है। शेष मरीजों को दवा देकर उनका इलाज किया गया है। उधर, बच्चों में सांस लेने में दिक्कत होने पर उन्हें भाप दिलाई दिलाई गई है।
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