बांदा। महायोजना-2031 पर शासन ने मुहर लगा दी है। इसमें करीब 3.72 लाख आबादी को सुविधाएं मुहैया कराने के लिए विकास का खाका खींचा गया है। 30 गांवों को शहरी क्षेत्र में शामिल कर 4360 हेक्टेयर क्षेत्रफल का शहरीकरण किया जाएगा। महायोजना-2031 तैयार करने में करीब साढ़े तीन लगे हैं।
शहर के विस्तारीकरण के लिए पहले महायोजना-2021 तैयार कर लागू की गई थी। इसका क्षेत्रफल 2412 हेक्टेयर निर्धारित था। यह महायोजना 2.70 लाख शहरी आबादी के लिए तैयार की गई थी।
इसमें आवासीय उपयोग के लिए 1009.29 हेक्टेयर क्षेत्रफल तय किया गया था। अब महायोजना 2031 करीब 3.72 लाख आबादी के हिसाब से तैयार की गई है। इसमें क्षेत्रफल बढ़ाकर 4360 हेक्टेयर किया गया है।
आवासीय उपयोग के लिए इसमें 2352.83 हेक्टेयर क्षेत्रफल का प्रावधान किया गया है। पिछली महायोजना में व्यवसायिक उपयोग के लिए सिर्फ 34.07 हेक्टेयर क्षेत्रफल तय हुआ था।
इस बार इसे बढ़ाकर 185.90 हेक्टेयर कर दिया गया है। औद्योगिक क्षेत्र के लिए पहले 103.36 हेक्टेयर भूमि थी, अब नई महायोजना में इसे बढ़ाकर दोगुना यानी 220.64 हेक्टेयर रखा है।
कार्यालयों के लिए पहले 87.34 हेक्टेयर और मनोरंजन सुविधाओं के लिए 411.33 हेक्टेयर का प्रावधान था, जबकि महायोजना 2031 में कार्यालयों के लिए 426.42 और मनोरंजन सुविधाओं के लिए 845 हेक्टेयर जमीन तय है। यातायात व परिवहन के लिए 329 और अन्य भू उपयोग के लिए 264.25 हेक्टेयर की व्यवस्था की गई है।