तिंदवारी। परास्नातक विवाहिता छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह पति के साथ किराए के मकान में बांदा शहर के बिजली खेड़ा में रहती थी। शनिवार को तड़के वहीं साड़ी से फांसी लगाई।
थाना क्षेत्र के पिपरगवां निवासी उर्मिला (24) पत्नी रामनरेश श्रीवास की शादी वर्ष 2014 में हुई थी। उन्हीं दिनों उसने स्नातक किया था। बाद में बीएड व बीटीसी किया। हाल ही में उसने टीईटी उत्तीर्ण किया था। पति के साथ बांदा शहर में किराए के मकान पर रह रही थी।
सुबह करीब 5 बजे उसने छत की रेलिंग में साड़ी बांधी और दूसरे छोर से गले में फंदा कस लिया और फांसी पर लटक गई। उसकी वहीं मौत हो गई। पति कमरे में सो रहा था। वह जागा तो शव लटकता देखा। क्षेत्राधिकारी सहित पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
देवर भरतलाल ने बताया कि शादी के छह वर्ष बाद भी संतान न होने से तनाव में रहती थी। साथ ही नौकरी के लिए भी चिंतित थी। उधर, मृतका के पिता गहबरा (छतरपुर) गांव निवासी रामगोपाल ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद वह कार्रवाई करेगा।
छात्रा ने जहर खाकर जान दी
अतर्रा। बिसंडा थाना क्षेत्र के पुनाहुर गांव के मजरा भइया गौतम पुरवा में बीती रात 11वीं की छात्रा शीलू (16) पुत्री चुनुबाद ने कमरा बंद कर जहरीला पदार्थ खा लिया। जिला अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। परिजनों ने दरवाजा तोड़कर उसे गंभीर हालत में निकाला और सीएचसी लाए।
यहां से जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में शीलू की मौत हो गई। वह 11वीं कक्षा की छात्रा थी। 5 बहनों में सबसे छोटी थी। इकलौता भाई है। शीलू के दादा रामशरण गौतम ने बताया कि पढ़ाई को लेकर उसे डांट दिया गया था। इसी से क्षुब्ध होकर जहर खा लिया।