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मंडल के 285 प्राथमिक स्कूलों में पीने का पानी नहीं

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बांदा। चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर और महोबा में पेयजल संबंधी तमाम योजनाओं और कायाकल्प योजनाओं के बाद भी प्राथमिक स्कूलों में विद्यार्थियों के पीने की पानी की समस्या का सच शुक्रवार को कमिश्नर की समीक्षा बैठक में उजागर हो गया। मंडल के 285 प्राथमिक स्कूलों में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं है। मिड-डे मील के बाद या प्यास बुझाने को इन स्कूलों के बच्चों को स्कूल से बाहर आसपास हैंडपंपों आदि का सहारा लेना मजबूरी है।
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मंडलायुक्त दिनेश कुमार सिंह ने ऐसे सभी विद्यालयों में शीघ्र प्राथमिकता के आधार पर शुद्ध पेयजल की उपलब्धता के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को कैंप कार्यालय में मंडलायुक्त ने चित्रकूटधाम मंडल के प्राथमिक विद्यालयों की समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि मंडल के चारों जिलों में 285 प्राथमिक विद्यालयों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं है। इनमें सर्वाधिक 115 विद्यालय चित्रकूट जनपद के हैं। बांदा के 72, हमीरपुर के 56 और महोबा के 42 स्कूलों में शुद्ध पेयजल नहीं है। आयुक्त ने यहां प्राथमिकता के आधार पर पीने के पानी की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। बैठक में आयुक्त ने यह भी निर्देश दिए कि जिन प्राथमिक स्कूलों में शौचालय नहीं हैं, वहां 15 दिन में बनवाएं जाएं।
उप निदेशक पंचायत और सहायक निदेशक बेसिक शिक्षा को निर्देश दिए कि स्कूलों में आपरेशन कायाकल्प के काम युद्ध स्तर पर कराएं जाएं। यह दोनों अधिकारी हर हफ्ते इसकी समीक्षा करें। खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश दिया कि अपने क्षेत्र के स्कूलों का निरीक्षण करें और गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करें। प्राथमिक स्कूलों में जो पुरातन छात्र सम्मान से रह गए हैं, उनका विद्यालय में पहली मार्च को सम्मान किया जाए। बैठक में उप निदेशक पंचायती राज दिनेश सिंह, सहायक बेसिक शिक्षा निदेशक सीएल चौरसिया, उप निदेशक सूचना भूपेंद्र सिंह यादव, डीआईओएस विनोद सिंह, बीएसए हरिश्चंद्र नाथ सहित मंडल के सभी बीएसए उपस्थित थे।
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स्कूल परिसर से बाहर पानी के लिए जाते छात्र
चित्रकूटधाम मंडल के दर्जनों ग्रामीण क्षेत्रों के कई स्कूलों में हैंडपंप या पानी के अन्य साधन न होने से पढ़ने वाले बच्चों को शुद्ध पेयजल नहीं मिल पा रहा। इसके लिए या तो बच्चे अपने घर से पीने का पानी लाते हैं, या परिसर से बाहर निकलकर पानी लाने को विवश हो रहे हैं। इतना ही नहीं मिड-डे मील खाने के बाद पानी पीने और अपने बर्तन धोने के लिए इन्हें विद्यालय परिसर के बाहर आसपास लगे हैंडपंपों में जाना पड़ता है।
पढ़ाने में रुचि न लेने वाले शिक्षकों की सूची बनाएं
मंडलायुक्त ने मंडल के सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए कि परिषदीय स्कूलों के ऐसे शिक्षकों की सूची तैयार की जाए जो पठन-पाठन में रुचि नहीं लेते और नियमित रूप से विद्यालय भी नहीं आते हैं। कमिश्नर ने कहा कि ऐसे अध्यापकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही अच्छे शिक्षकों को प्रोत्साहित किया जाए। सहायक निदेशक के निरीक्षण में पलरा गांव के प्राथमिक विद्यालय द्वितीय में अनुपस्थित पाईं गईं सहायक अध्यापक अनीता वर्मा के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
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जनपदवार प्राथमिक स्कूलों की संख्या---
बांदा-1709, चित्रकूट-988, हमीरपुर-015, महोबा-858
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