बांदा। ईदुज्जुहा (बकरीद) पर जानवरों की कुर्बानी का वीडियो बनाना और शेयर करना गैर शरई है। ऐसा हरगिज न करें। कुर्बानी के अमल में दिखावा शामिल हो जाने से इसका अज्र कम या खत्म हो जाता है। ईदगाह या मस्जिदों में नमाज पर फिलहाल रोक है। लिहाजा ईदुल फितर की तर्ज पर घर पर ही ईदुज्जुहा की नमाज अदा करें।
यह बात मौलाना सैय्यद मेराज मसूदी उर्फ अकील मियां (शहर काजी) ने कही। उन्होंने कहा कि पीस कमेटी की बैठक में प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि कुर्बानी के जानवरों को लाने ले जाने में बेवजह परेशान नहीं किया जाएगा।
मौलाना ने कहा कि गाइड लाइन के मुताबिक एक साथ सिर्फ पांच लोग ही ईदगाह या मस्जिद में नमाज अदा कर सकते हैं। कहीं भी भीड़ इकट्ठी न हो। कुर्बानी निजी घर या अहाते में करें जो चारो तरफ से बंद हो।
खून नाली या सड़कों पर न बहे। कुर्बानी के जानवरों की अलाइश इधर-उधर न फेंके। इसे मजबूत थैले में मुंह बांधकर नगर पालिका के कूड़ेदान तक पहुंचाएं। नगर पालिका की सफाई टीम उसे ले जाएगी। कुर्बानी के गोश्त के हिस्से तकसीम करते वक्त इन्हें अच्छी तरह थैले में पैक करें। खून आदि न नजर आए। किसी भी राहगीर या पड़ोसी को कुर्बानी या किसी भी अमल से परेशानी या दुश्वारी नहीं होना चाहिए।