बांदा। नवनिर्वाचित महिला ग्राम प्रधानों में क्षमता संवर्धन के लिए एक दिवसीय कार्यशाला में मंगलवार को कृषि विश्व विद्यालय में ऑनलाइन संबोधन में कुलाधिपति/राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा कि सभी प्रधान यह संकल्प लें कि उसका गांव कुपोषण मुक्त हो। इसके लिए सरकार द्वारा नियुक्त आशा वर्कर के साथ मिलकर कार्य करने की जरूरत है। महिला प्रधान अपने गांव के लिए विशेषकर महिलाओं के लिए कार्य करें।
राज्यपाल ने कहा कि प्रधान जाति देखकर कार्य न करें। हिम्मत और लगन से गांव के विकास के लिए कार्य करें। बाल विवाह पर कहा कि एक गलत फैसला दो परिवारों की कई पीढ़ियों को कमजोर करता है। इसे रोकने के लिए बच्चियों को अच्छी शिक्षा देने के लिए कार्य करें। मंडलायुक्त दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि जो सोचा था, आप उसे आज पूरा करें, क्योंकि अब आप प्रधान हैं। लोगों की समस्या को सुनें और उनका समाधान करें। जिलाधिकारी आनंद कुमार सिंह ने कहा कि गांवों में टीकाकरण में प्रधानों का सहयोग जरूरी है। कुलपति डॉ. यूएस गौतम ने कुलाधिपति, अपर मुख्य सचिव (पंचायती राज विभाग) का स्वागत करते हुए कहा कि विश्व विद्यालय महिलाओं के उत्थान और उनके उत्थान के लिए कार्य कर रहा है।
बताया कि विवि ने 100 गांवों को गोद लिया है। पतौरा गांव की प्रधान विनीता त्रिपाठी ने कहा कि वह सब विकास के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। तकनीकी सत्र में पंचायती राज अधिकारी सर्वेश कुमार पांडेय ने महिला जन प्रतिनिधियों का दायित्व व अधिकार पर प्रकाश डाला। महिला अध्ययन केंद्र का उद्देश्य डॉ. वंदना कुमारी ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में विश्व विद्यालय के गृह विज्ञान महाविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण महिलाओं व बालिकाओं के लिए संचालित प्रमुख योजनाओं की बुकलेट का विमोचन किया गया। यहां 198 महिला ग्राम प्रधानों को एक-एक करौंदा व नीबू का पौधा वितरित किया गया। कुलसचिव डॉ. एसके सिंह और संचालन डॉ. सौरभ ने किया।