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सामुदायिक शौचालयों का रखरखाव महिला समूहों के हवाले

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सार्वजनिक शौचालय का निरीक्षण करते उप निदेशक (पंचायत) दिनेश सिंह। - फोटो : BANDA
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बांदा। स्वच्छ भारत मिशन को गांव-गांव में अमलीजामा पहनाने के लिए राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने कमर कस ली है। चित्रकूटधाम मंडल के गांवों में निर्मित और बनाए जा रहे के गांवों के सामुदायिक शौचालयों में स्वच्छता के साथ उनके बेहतर रखरखाव और देखरेख के लिए अब प्रत्येक गांव में महिला स्वयं सहायता समूह की एक महिला को केयर टेकर के रूप में नियुक्ति किया जाएगा।
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गांव के सामुदायिक शौचालय के देखरेख के लिए नियुक्ति स्वयं सहायता समूह की महिला को इसके लिए छह हजार रुपये मासिक मानदेय भी प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा अतिरिक्त के रूप में तीन हजार रुपये शौचालय के रखरखाव में इस्तेमाल होने वाली सामग्री के उपयोग के लिए भी मिलेंगे।
चित्रकूटधाम मंडल की 1408 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है। मंडल की करीब 800 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कार्य शुरू भी हो चुका है। सामुदायिक शौचालयों में पानी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए रनिंग वाटर टैंकों का भी निर्माण कराया जाएगा।
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इसके लिए मंडल की प्रत्येक ग्राम पंचायत को तीन लाख रुपये जारी भी कर दिए गए हैं। प्रदेश शासन ने सामुदायिक शौचालयों में स्वच्छता बनाए रखने और उनके रखरखाव का दायित्व राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन में गठित महिला स्वयं सहायता समूह को दिया है। यह महिला स्वयं सहायता समूह हर गांव में एक महिला केयर टेकर की नियुक्ति भी करेगा।
इन्हीं महिला केयर टेकर के पास शौचालय का मेंटीनेंस का जिम्मा भी होगा। शासन ने जहां पर यह समूह गठित नहीं हैं, वहां की ग्राम पंचायत में सफाई कर्मी की नियुक्ति कर खुद देखरेख करने को कहा है। शौचालय की सफाई व्यवस्था बनाए रखने और रखरखाव के लिए ग्राम पंचायत हर माह तीन हजार रुपये भी महिला स्वयं सहायता समूह को अतिरिक्त के रूप में देगा। यह धनराशि 15वें वित्त आयोग से ग्राम पंचायतें खर्च करेंगी और दो किस्तों में प्रदान किया जाएगा। सामुदायिक शौचालयों का सिर्फ वही ग्रामीण इस्तेमाल कर सकेंगे जिनके घर शौचालय नहीं हैं।
मंडल में स्वीकृत/निर्माणाधीन सामुदायिक शौचालय
जनपद स्वीकृत निर्माणाधीन
बांदा 470 300
चित्रकूट 335 250
हमीरपुर 330 200
महोबा 273 150
योग 1408 800
दिन में दो बार होगी सफाई
सामुदायिक शौचालयों की सफाई दिन में दो बार कराई जाएगी। सामुदायिक शौचालयों में कर्मचारी मॉस्क और ग्लब्स का प्रयोग करेंगे। इसके अलावा पूरे परिसर को पूरी तरह से साफ और व्यवस्थित भी रखा जाएगा। साथ ही शौचालय में एक शिकायत रजिस्टर भी रखा जाएगा। जिसका प्रत्येक सप्ताह स्वयं सहायता समूह निरीक्षण कर कार्रवाई भी करेगा।
इन मदों पर हर माह तीन हजार खर्च होंगे
सामुदायिक शौचालयों के मेंटीनेंस में बिजली, प्लंबिंग, नल और टोटी मरम्मत आदि में पांच सौ रुपये, झाडू़, ब्रश, वाइपर, स्पंज और बाल्टी आदि में दो सौ रुपये, साबुन, वाशिंग पाउडर, एयर फ्रेशनर, ग्लब्स, केमिकल, मास्क आदि पर और पानी, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट में एक-एक हजार तथा अन्य कार्यों में 300 रुपये प्रति माह खर्च किए जाएंगे। यह कुल रकम तीन हजार रुपये होगी। इसके अलावा छह हजार रुपये मासिक केयर टेकर महिला को मानदेय के रूप में मिलेगा।
हर साल खर्च होंगे 15 करोड़ रुपये
चित्रकूटधाम मंडल में सामुदायिक शौचालयों के बेहतर रखरखाव के लिए ग्राम पंचायतें प्रति वर्ष 15 करोड़ 20 लाख रुपये खर्च करेंगी। प्रति शौचालय करीब 1.8 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। यह राशि महिला स्वयं सहायता समूह को हर वर्ष दो किस्तों में शासन द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी।
मंडल में गठित हैं 16,868 समूह
चित्रकूटधाम मंडल में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के 14,828 महिला स्वयं सहायता समूह हैं। इनमें बांदा में 5,468 महिला स्वयं सहायता समूह, चित्रकूट में 3,200, महोबा में 2,960, हमीरपुर में 3,200 महिला स्वयं सहायता समूह शामिल हैं। प्रत्येक समूह में 10 से 12 महिलाएं होती हैं।
ग्राम पंचायतों में जिन परिवारों में व्यक्तिगत शौचालय निर्मित नहीं है। ऐसे परिवार सामुदायिक शौचालयों का इस्तेमाल करेंगे। शौचालय निर्माण का कार्य हर हाल में 30 अगस्त तक पूरा हो जाएगा। इनके रखरखाव का दायित्व महिला स्वयं सहायता समूह को दिया जाएगा।-दिनेश सिंह, उप निदेशक (पंचायत), चित्रकूटधाम मंडल, बांदा।
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