फोटो -10- जलनिकासी के लिए काटा गया ओरन-अतर्रा मार्ग। संवाद
अतर्रा। जलनिकासी के लिए काटा गया ओरन-अतर्रा मुख्य मार्ग 22 दिन बाद भी दुरुस्त नहीं हो सका है। इससे चौसड़ सहित करीब दो दर्जन गांवों के ग्रामीणों, स्कूली बच्चों और राहगीरों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
बारिश के दौरान जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए एक सितंबर को जेसीबी से करीब दस फीट सड़क काटकर पानी निकासी की व्यवस्था की गई थी। पानी निकलने लगा, लेकिन मार्ग बाधित हो गया। ओरन निवासी मार्तंड द्विवेदी, पुष्पेंद्र द्विवेदी, हर्ष, रमेश यादव समेत अन्य स्थानीय लोगों ने बताया कि आवागमन के लिए डाली गई पटिया भी टूट गई है।
इससे स्कूली बच्चों के साथ बीमार मरीजों, वृद्धों और महिलाओं को भी परेशानी उठानी पड़ती है। शिक्षक और विद्यार्थी भी रोजाना वैकल्पिक रास्तों से आने-जाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने सड़क पर पुलिया बनाकर आवागमन सुचारु कराने की मांग की है।
वहीं, इस संबंध में एसडीएम शैलेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि मार्ग की मरम्मत के लिए पीडब्ल्यूडी और बीडीओ को कई बार लिखित रूप से अवगत कराया जा चुका है। दोबारा अधिकारियों को निर्देशित कर जल्द आवागमन बहाल कराया जाएगा।