बांदा। सीएम डैशबोर्ड की अगस्त की रैंकिंग में बुंदेलखंड के जिलों के विकास और राजस्व कार्यों की स्थिति जुलाई के मुकाबले कमजोर हुई है।
विकास कार्यों की रैंकिंग में पांच में से चार जिले नीचे खिसके हैं। सबसे बड़ी गिरावट महोबा की हुई है। वह 23 पायदान लुढ़ककर प्रदेश के 75 जिलों में 74वें स्थान पर पहुंच गया है। बांदा भी 18 पायदान नीचे जाकर 71वें स्थान पर है।
जुलाई में विकास कार्यों की रैंकिंग में जालौन 30वें, हमीरपुर 60वें, महोबा 51वें, चित्रकूट 36वें और बांदा 53वें स्थान पर थे। अगस्त में जालौन चार पायदान सुधरकर 26वें स्थान पर पहुंचा। वहीं हमीरपुर आठ पायदान नीचे 68वें, महोबा 23 पायदान नीचे 74वें, चित्रकूट 22 पायदान नीचे 58वें और बांदा 18 पायदान नीचे 71वें स्थान पर पहुंच गया।
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राजस्व में महोबा की सबसे बड़ी गिरावट
राजस्व कार्यों की रैंकिंग में भी महोबा को सबसे बड़ा झटका लगा है। जुलाई में 41वें स्थान पर रहा महोबा अगस्त में 27 पायदान नीचे खिसककर 68वें स्थान पर पहुंच गया।
हमीरपुर 11वें से छह पायदान नीचे 17वें और जालौन 21वें से 11 पायदान नीचे 32वें स्थान पर पहुंचा। इसके विपरीत बांदा की राजस्व रैंकिंग में एक पायदान का सुधार हुआ है। जुलाई में 59वें स्थान पर रहा बांदा अगस्त में 58वें स्थान पर पहुंचा। चित्रकूट भी चार पायदान सुधरकर 23वें से 19वें स्थान पर पहुंच गया।
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बारिश से विकास कार्य धीमे
अगस्त में लगातार बारिश के चलते निर्माण और विकास से जुड़े कई कार्यों की गति प्रभावित हुई। ऐसे में विकास कार्यों की रैंकिंग में बुंदेलखंड के अधिकांश जिलों की गिरावट को बारिश से जोड़कर देखा जा सकता है। हालांकि, राजस्व कार्यों की रैंकिंग में भी तीन जिलों के पिछड़ने से प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं। राजस्व कार्य सीधे तौर पर निर्माण कार्यों की तरह मौसम पर निर्भर नहीं होते। ऐसे में राजस्व से जुड़ी सेवाओं और लक्ष्यों में अपेक्षित प्रगति न होना प्रशासन के लिए चिंता का विषय है।