बांदा। बीती 28 मई को 80 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से आई आंधी-बारिश के बाद से मौसम में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। शुक्रवार का दिन भी खासा गर्म रहा। अधिकतम तापमान 41 डिग्री रिकार्ड किया गया। हालांकि न्यूनतम पारा भी 28 डिग्री पर रहा। दिन भर लू चलती रही। इससे प्रमुख चौराहों और प्रमुख मार्गों पर सन्नाटा रहा। रोडवेज बस अड्डे में दोपहर के समय यात्रियों का भी टोटा रहा। लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्री नहीं निकले। इससे लंबी दूरी की बसें बांदा-प्रयागराज, बांदा-कानपुर-लखनऊ रूट की बसें खड़ी मिलीं।
शुक्रवार दोपहर दो बजे तक पारा 40 डिग्री पार कर गया। शाम को अधिकतम पारा 41 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। जबकि न्यूनतम पारा 28 डिग्री पर रहा। हवा भी चार किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चली। हवा में नमी का प्रतिशत घटकर 33 प्रतिशत पर रहा। इससे दोपहर 12 बजे से तीन बजे के बीच प्रमुख चौराहों, महाराणा प्रताप चौक, बाबूलाल चौराहा, कालूकुआं चौराहे की तरफ लोगों की आमद-रफ्त कम रही।
सार्वजनिक स्थल रोडवेज में भी दोपहर के समय लंबी दूरी की बसों में यात्रियों का टोटा रहा। बांदा-कानपुर-लखनऊ, बांदा-प्रयागराज, बांदा-दिल्ली रूट की बसें रोडवेज बस अड्डे में खाली खड़ी मिलीं। उधर, छोटे रूट की बसों पर ज्यादातर दैनिक यात्री सफर करते दिखाई दिए। रोडवेज प्रबंधन यात्रियों की उपलब्धता पर ही बसों को रवाना कर रहा है। मसलन अगर प्रयागराज के यात्री नहीं मिल रहे हैं तो बसें चित्रकूट जाकर लौट रहीं हैं। इससे बसों के फेरे घट रहे हैं।
मानसून आने तक मौसम इसी तरह से बना रहेगा। तापमान 40 से 43 के बीच रहेगा। मानसून के आने पर ही तापमान सामान्य दशा में आ पाएगा।
डॉ. दिनेश शाहा
मौसम व कृषि वैज्ञानिक
यात्रियों की उपलब्धता पर ही दोपहर के समय बसों को चलाया जा रहा है। अगर यात्री मिलते हैं तो बसों को रवाना किया जाएगा। मान लीजिए कि यात्री चित्रकूट तक के मिलते हैं तो बस चित्रकूट जाकर वापस आ जाएगी।
डीके चौबे, एआरएम, रोडवेज बांदा।