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Banda News: ऋण स्वीकृत हुआ पांच लाख, मिले 3.50 लाख

Tue, 23 Sep 2025 12:05 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
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बांदा। उद्यान विभाग द्वारा संचालित प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना (पीएमएफएमई) में खेल किया जा रहा है।
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तिंदवारा गांव निवासी संदीप कुमार ने डीएम को दिए शपथ पत्र में कहा कि वर्ष 2022 में उसने चक्की व स्पेलर उद्योग स्थापित करने के लिए पीएमएफएमई योजना के तहत ऋण के लिए आवेदन किया था। बैंक में ऋण स्वीकृत होने के बाद विभाग के जिला रिसोर्स पर्सन (संसाधन व्यक्ति) ने फाइल तैयार कराई। फाइल तैयार कराने का हजारों रुपये लिया गया। बैक ने पांच लाख का ऋण स्वीकृत किया था। बैंक में हरियाणा और अतर्रा की फर्म के कोटेशन प्रस्तुत होने पर रुपया फर्म को भेज दिया। फर्म से रिसोर्स पर्सन की साठगांठ और उसने सारा रुपया ले लिया। कुछ दिन बार रिसोर्स पर्सन ने उसके खाते में साढ़े तीन लाख रुपये डाल दिए। शेष पैसा रिसोर्स पर्सन हजम कर गया। उससे कहा गया कि उसे रकम जमा नहीं करना है। उसने 50 हजार की पुरानी आटा चक्की खरीदकर घर में लगा ली। जो कुछ दिन बाद खराब हो गई। कारोबार भी ठप हो गया। बैंक ने उसके घर सात लाख की नोटिस भेजी है। जिससे उसका पूरा परिवार परेशान है। डीएम ने एलडीएम को जांच के आदेश दिए हैं।
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एलडीएम विनय पांडेय का कहना है कि बैंक में लोन उसके नाम है। रुपया अतर्रा की अंकिता इंटर प्राइजेज फर्म में जो अकाउंट नंबर था वो आकांक्षा कुशवाहा के नाम है। जिनके खाते में पांच लाख रुपये भेजे गए हैं। उद्यान विभाग से और बैंक से पूरा डाटा मांगा गया है। जांच पूरी होने से असलियत सामने आएंगी। जिला उद्यान अधिकारी केशव राम चौधरी का कहना है कि ऋण स्वीकृत होने के बाद रुपया फर्म को जाता है। फर्म से लाभार्थी सामान लेता है। जब लाभार्थी ने ऋण जमा नहीं किया और बैंक ने नोटिस जारी कर दी तो वह तमाम तरह के आरोप लगाने लगा।
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