अतर्रा (बांदा) । कस्बे के पीजी कॉलेज के समीप 11 हजार की लाइन ठीक करते समय करंट से लाइनमैन गंभीर झुलस गया। सीएचसी में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना से आक्रोशित परिजन सीएचसी पहुंचे। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग की थी। परिजन ने शटडाउन के बावजूद लाइन चालू करने का आरोप लगाया।
बदौसा थाना क्षेत्र के गांव बदौसा के अंश बगीचा पुरवा निवासी सरदार खान विद्युत निगम में आउटसोर्सिंग पर कुशल लाइनमैन के पद पर कार्यरत था। बीते बुधवार की रात करीब नौ बजे कस्बे के राष्ट्रीय राज्यमार्ग स्थित पीजी कॉलेज के पास लाइन फाल्ट होने की सूचना पर सहयोगी कर्मी उमाशंकर के साथ गया था। विद्युत लाइन ठीक करते समय लाइनमैन करंट लगने से गंभीर झुलस गया। सहयोगी कर्मी उसे निजी वाहन से सीएचसी ले गए। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक के भाई शमसाद ने बताया कि वह पांच भाइयों में सबसे बड़ा था। उनके दो पुत्र व एक पुत्री है। पत्नी शैरातुन समेत सभी परिजन रो-रोकर बेहाल है। अतर्रा कोतवाली प्रभारी राकेश तिवारी ने बताया कि करंट लगने से मौत हुई है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
एसडीओ ने फीडर क्रॉसिंग से करंट होने की जताई संभावना
अतर्रा। एसडीओ विमलेश कुमार का कहना है कि शटडाउन लेने के बाद ही लाइनमैन खंभे में चढ़कर लाइन ठीक कर रहा था। उसी समय फीडर क्रॉसिंग के करंट से मृत्यु होने की संभावना है। एसडीओ विमलेश कुमार के अस्पताल पहुंचने पर परिजन ने मृतक के परिवार को उचित मुआवजा और विद्युत कार्यालय में ड्यूटी कर रहे एसएसओ का मेडिकल परीक्षण करा घटना की सही जांच कराने की मांग की। एसडीओ ने घटना की सही जांच के साथ आउटसोर्सिंग कंपनी को मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने के लिए निर्देशित किया है। विभागीय कर्मचारियों से सहयोग करते हुए तीन लाख रुपये की आर्थिक मदद करने का आश्वासन दिया। एसडीओ के निर्देश पर अवर अभियंता द्वारा एसएसओ रवींद्र कुमार का मेडिकल परीक्षण भी देर रात में ही कराया गया था।