लाइन में लगे लोगों को पानी पिलाते बैंक कर्मचारी।
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कांग्रेस विधायक विवेक कुमार सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अचानक 500 व 1000 के नोटों पर पाबंदी को बिना सोचे-समझे उठाया गया कदम बताते हुए कहा कि इससे अराजकता की स्थिति पैदा हो गई है। कालाबाजारी, माफिया और भ्रष्टाचारी मौज कर रहे हैं और रोज खाने-कमाने वाले तथा मजदूर, व्यापारी व किसान दिन भर सड़कों पर लाइन लगा रहे हैं। बुंदेलखंड में खेती चौपट होने का खतरा पैदा हो गया है।
रविवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सहित राहुल गांधी और लोकसभा व विधान सभा में नेता विरोधी दल गुलाम नबी आजाद तथा मल्लिकार्जुन तथा प्रदेशाध्यक्ष राजबब्बर को भेजे पत्र में कहा है कि इस तुगलकी और सनकी फरमान से बुंदेलखंड के किसान बुरी तरह परेशान हैं। खाद-बीज के लिए पैसा नहीं मिल पा रहा। खेत परती पड़े हैं।
छात्र पढ़ाई छोड़कर, मजदूर मजदूरी छोड़कर, महिलाएं चौका छोड़कर, नौकरीपेशा दफ्तर छोड़कर रोजाना सुबह से बैंकों में सड़कों पर लाइन लगा रहे हैं। उन्हें दवा, इलाज, सब्जी आदि तक के लिए पैसों के लाले पड़े हैं। विधायक ने कहा कि यही मूर्खता अमेरिका ने की थी। जब न्यूयार्क बैंक द्वारा कमार्शियल पेपर को अमान्य कर दिया तो अमेरिका के बैंक ध्वस्त हो गए। व्यापार फेल हो गए थे।
विधायक ने कहा कि देश को लाइन में लगा कर प्रधानमंत्री विदेश चले गए। वहां से भारतवासियों को धमकी देते रहे। मुख्यमंत्री से कहा कि प्रधानमंत्री को कोई सलाह देने वाला नहीं है। उनके कानों में बैंकों के बाहर खड़ी भीड़ की चीख नहीं सुनाई पड़ रही। काश प्रधानमंत्री इस निर्णय से पहले यशोदाबेन से ही सलाह ले लेते। विधायक ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि इस बारे में प्रधानमंत्री और केंद्रीय वित्त मंत्री से बात करके लोगों को संकट से राहत दिलाएं।