घटना 12 नवंबर 2020 को कोतवाली नगर निवासी ममता रैकवार ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके मुताबिक ममता जो मजदूरी करके अपने बच्चों का पालन-पोषण करती थी। उसने बताया कि उनका छह वर्षीय बेटा करन उर्फ बाबू 11 नवंबर 2020 को शाम 6 बजे पप्पू माली पुत्र अशोक माली निवासी निम्नीपार के साथ गया था। जिसके बाद से उसका पता नहीं चला। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 364 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली।
विवेचक नंदराम प्रजापति ने पूछताछ के दौरान पप्पू माली को गिरफ्तार किया, जिससे सोनू माली पुत्र अशोक और बाला प्रसाद पुत्र रामकिशोर कुशवाहा निवासी मर्दन नाका के नाम प्रकाश में आए। इनकी निशानदेही पर 13 नवंबर 2020 को राकेश सोनी के बगीचे में स्थित कुएं से करन का शव बरामद हुआ। हत्या का कारण नशे का विवाद बताया गया। मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 व 201 के तहत वृद्धि करते हुए विवेचना प्रारंभ की गई।
तीनों आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया। सुनवाई के दौरान 8 अक्टूबर 2021 को तीनों के विरुद्ध आरोप तय किए गए। अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाह पेश किए गए। न्यायालय में उपलब्ध गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर न्यायाधीश ने अपने 36 पृष्ठों के फैसले में सोनू माली, पप्पू माली (दोनों पुत्र अशोक माली) और बालाप्रसाद कुशवाहा को दोषी पाते हुए सजा और जुर्माने से दंडित किया।