अवैध संबंधों के विवाद में छोटे भाई द्वारा बड़े भाई की कुल्हाड़ी से काटकर की गई हत्या के जुर्म में दोषी को उम्रकैद और 10 जुर्माने की सजा दी गई है। आरोपी की भाभी को दोष मुक्त कर दिया।
तिंदवारी थाना क्षेत्र के मिरगहनी गांव निवासी लल्लू वर्मा पुत्र सुखवा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके बड़े बेटे चंदन वर्मा की पत्नी से छोटे पुत्र छोटू वर्मा के अवैध संबंध थे। इसे लेकर दोनों में अक्सर झगड़ा होता था।
27 जुलाई 2017 को चंदन ने अपने ससुर को बुलाकर पत्नी को मायके भिजवा दिया था। इसी से नाराज छोटे भाई छोटू वर्मा ने उसी रात तीन बजे चंदन की सोते समय कुल्हाड़ी से काटकर घर में ही हत्या कर दी थी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर छोटू और चंदन की पत्नी केशकली को नामजद किया था।पुलिस ने अदालत में चार्जशीट दाखिल की। सुनवाई के बाद मंगलवार को अपर जिला सत्र न्यायाधीश ने छोटू वर्मा को धारा 302 में उम्र कैद व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। मृतक की पत्नी को दोष मुक्त कर दिया।
एक अन्य मामले में शराब के नशे में पत्नी को डंडे से पीटकर मार देने में दोषी पति को अदालत ने उम्र कैद व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। बबेरू कोतवाली क्षेत्र के इंदिरा नगर निवासी शियाप्यारी शिवहरे पत्नी चंद्रपाल ने 26 अगस्त 2015 को कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने बेटी रेनू शिवहरे की शादी 2002 में जगदीश से की थी। शराब के नशे में अक्सर रेनू को पीटता था। 21 अगस्त 2015 को डंडे से ताबड़तोड़ प्रहार कर रेनू की हत्या कर दी।
इसके बाद आत्महत्या का रूप देने के लिए साड़ी से उसके गले में फंदा डालकर लटका दिया था। पुलिस ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। विवेचना के बाद पुलिस ने चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की। मंगलवार को अपर जिला सत्र न्यायाधीश ने पति को उम्रकैद व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
बांदा। दो चाचाओं पर कुल्हाड़ी व फरसा से जानलेवा हमले के जुर्म में अदालत ने दोषी भतीजे को पांच साल की कैद व पंाच हजार रुपये जुर्माना, धारा 506 में दो साल की कैद व 2 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर छह माह की और जेल काटनी पड़ेगी।
कोतवाली देहात क्षेत्र के बड़ेहा गांव निवासी अमर सिंह पुत्र चंदन सिंह ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि एक अगस्त 2013 को दिन में तीन बजे उसके गांव के भीम सिंह पुत्र जब्बर सिंह, जसवंत सिंह, विवेक सिंह उर्फ पिंटू, कुल्हाड़ी, फरसा लिए व सावित्री सिंह हाथ में लाठी लिए हुए उसके घर में घुस आए।
बक्से का ताला तोड़कर नगदी व जेवर निकाल लिए। अमर सिंह के पिता चंदन सिंह व चाचा चंद्रपाल सिंह आ गए। आरोपियों ने कुल्हाड़ी व फरसा से पिता व चाचा पर ताबड़तोड़ प्रहार करके गंभीर रूप से घायल कर दिया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करके विवेचना के दौरान आरोपी जसवंत सिंह, विवेक सिंह व सावित्री का नाम अलग कर दिया था।
एक आरोपी भीम सिंह के खिलाफ धारा 307 व 506 में चार्जशीट लगाकर न्यायालय में दाखिल कर दिया था। मंगलवार को षष्ठम अपर जिला सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार तृतीय ने इसका फैसला सुनाया। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आशुतोष मिश्र ने पैरवी की। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी। अभियुक्त जमानत पर था। उसे न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। ब्यूरो