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Banda News: हत्या के दोषी पिता-पुत्र समेत चार को उम्रकैद

Tue, 18 Nov 2025 11:50 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
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बांदा। पिता- पुत्र समेत चार दोषियों को पांच वर्ष पूर्व युवक की हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश-विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट छोटे लाल यादव की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही वीरेंद्र सिंह उर्फ बिंदा व शिवपूजन आरख को 11 हजार-11 हजार रुपये का अर्थदंड व हर्षित सिंह व अभिषेक उर्फ आशू सिंह को 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। इसकी अदायगी न करने पर एक-एक वर्ष अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
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कोतवाली देहात क्षेत्र के ग्राम गुरेह निवासी नितेश सिंह पुत्र विनोद सिंह ने 23 जून 2020 को रिपोर्ट दर्ज कराई कि एक जून 2020 को रात 11 बजे उसके घर के सामने रहने वाले वीरेंद्र सिंह उर्फ बिंदा व हर्षित सिंह आदि ने घर में घुसकर लूटपाट की। जान से मारने की नीयत से बिंदा सिंह आदि ने विपुल व लब्बू के ऊपर तमंचे से फायर किया। वारदात की सूचना 112 पुलिस को दी लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट नहीं लिखी।
30 जून 2021 को बिंदा सिंह, उसका पुत्र हर्षित व पड़ोसी आशू सिंह रात्रि 11 बजे पुनः गाली गलौज करते हुए असलहों से जान से मारने की नीयत से फायर किया। पुलिस को सूचना दी गयी लेकिन पुलिस ने फिर रिपोर्ट दर्ज नहीं की। तब पिता विनोद सिंह ने पुलिस के उच्चाधिकारियों को रजिस्टर्ड प्रार्थना पत्र देकर सूचित किया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद 22 जून 2020 को सुबह 10 बजे दिन में बिंदा सिंह, हर्षित सिंह व आशू सिंह गालियां देते हुए उसके घर घुस आए और मारपीट की।
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जिस पर पुलिस ने विपुल, विजय व हर्षित का 151 में चालान कर दिया। वहीं, जमानत से छूटकर घर पहुंचे और उसी दिन समय शाम 5ः30 बजे उसके भाई विजय सिंह उर्फ लब्बू घर के सामने दीवार की पट्टी पर बैठा था, रंजिश की वजह से बिंदा सिंह तमंचा व हर्षित सिंह अपने हाथ में डंडा, शिवपूजन आरख बरछी व आशू सिंह सभी एक राय होकर विजय सिंह की हत्या की योजना बनाई। इरादा भांपकर विजय सिंह भागने को हुआ तो शिवपूजन आरख ने विजय सिंह को पकड़ लिया।
तभी हर्षित सिंह ने डंडा से वार किया और बिंदा सिंह ने तमंचे से विजय सिंह के ऊपर जान से मारने की नीयत से फायर किया। विजय सिंह के सीने के बगल में गोली लगी। यह घटना गांव के लोगों ने देखी। सभी दोषी वारदात करके भाग गए। विजय सिंह को अस्पताल ले जाया गया जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था।
विवेचक ने मामले का आरोप पत्र 14 जुलाई 2020 को न्यायालय में पेश किया। सभी दोषियों के विरुद्ध 24 सितंबर 2021 को आरोप बनाया गया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से 10 गवाह पेश किए गए। पत्रावली मे उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर न्यायाधीश ने अपने 80 पृष्ठीय फैसले में वीरेंद्र सिंह उर्फ बिंदा सिंह, हर्षित सिंह पुत्र बिंदा सिंह, शिवपूजन आरख पुत्र सियाराम व अभिषेक उर्फ आशू सिंह पुत्र प्रदीप को दोषी पाकर सजा सुनाई। मंगलवार को सभी दोषियों को पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया गया।
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