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हत्या में एक को उम्रकैद, सहयोगी को सात साल कैद

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बांदा। रंजिश में दो गुटों के बीच खूनी संघर्ष में गोली मारकर हत्या के जुर्म में एक को उम्रकैद और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई है। उसके सहयोगी आरोपी को सात वर्ष की कैद और 20 हजार रुपये जुर्माना हुआ है। एक महिला समेत चार को बरी कर दिया गया।
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पैलानी थाना क्षेत्र के हूसी पुरवा (डांड़ामऊ) में 18 मई 2011 को दोपहर निषाद बिरादरी के दो गुटों में संघर्ष हो गया। लाठी-डंडा, लोहे की राड से एक-दूसरे पर हमला कर दयिा। इसी बीच छत्रपाल और बलवंत ने तमंचे से गोली चला दी। इसमें केशव निषाद पुत्र मेवालाल की मौत हो गई। छत्रपाल की गोली से रामदीन घायल हो गया।
हत्या सहित अन्य धाराओं में सात महिला-पुरुषों के विरुद्ध रामआसरे पुत्र विश्वनाथ केवट ने रिपोर्ट दर्ज कराई। उधर, दूसरे पक्ष से छत्रपाल निषाद ने रामदीन निषाद समेत सात लोगों के विरुद्ध मारपीट आदि की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने दोनों पक्षों की अलग-अलग चार्जशीट दाखिल की। आरोपियों को जेल भेजा। एडीजीसी देवदत्त मिश्रा ने दोनों मामलों में कुल 16 गवाह पेश किए।
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शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश ने सुनाए फैसले में अभियुक्त बलवंत निषाद को धारा 304 में उम्रकैद व 30 हजार रुपये जुर्माना किया। जुर्माना न देने पर तीन माह की अतिरिक्त कैद होगी। आर्म्स एक्ट मेें तीन वर्ष कैद व दो हजार रुपये जुर्माना से दंडित किया।
जुर्माना न देने पर 10 दिन और कैद होगी। उधर, इसी पक्ष के छत्रपाल निषाद को सात वर्ष की कैद, 20 हजार रुपये जुर्माना, शस्त्र अधिनियम में तीन वर्ष की कैद व दो हजार रुपये जुर्माना किया। जुर्माना न अदा करने पर क्रमश: 2 माह व 10 दिन की अतिरिक्त कैद होगी।
अदालत ने दूसरे पक्ष से रामदीन और शिवकुमार को धारा 506 में 5 वर्ष की जेल व 10 हजार रुपये जुर्माना, धारा 323 व 504 में 2 वर्ष की कैद व 2 हजार रुपये जुर्माना की सजा दी।
जुर्माना अदा न करने पर क्रमश: एक माह व 10 दिन और जेल में बिताने होंगे। सभी सजाएं साथ चलेंगी। दोनों पक्षों के सजायाफ्ता चारों अभियुक्तों को जेल भेज दिया गया। राममिलन, सुदामा, रामआसरे व सुनीता बरी कर दिए गए।
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