बांदा। अनुसूचित जाति के व्यक्ति की हत्या में गलत शिनाख्त करने के जुर्म में एक आरोपी को उम्र कैद और ढाई लाख रुपये जुर्माने की सजा हुई है। बबेरू कोतवाली क्षेत्र के बगहंडा गांव में वर्ष 2006 में कुएं में सिर कटा शव मिला था।
प्रमोद रघुवंशी (मुरवल), जंगू सिंह व जयवीर सिंह (गरौंती) ने इस शव को रंजीत सिंह (गरौंती) का बताया था। जबकि शव बांदा शहर के खुटला निवासी भूरा श्रीवास का था।
पुलिस ने रंजीत को जिंदा गिरफ्तार किया। उसके सहित चारों के विरुद्ध अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। जिला शासकीय अधिवक्ता विमल सिंह ने 10 गवाह पेश किए।
बुधवार को विशेष न्यायाधीश (एससीएसटी) रामकरन द्वितीय ने साक्ष्यों के आधार पर रंजीत सिंह को उम्र कैद और ढाई लाख रुपये का जुर्माना किया। प्रमोद रघुवंशी, जंगू सिंह और जयवीर सिंह को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। उनकी पैरवी अधिवक्ता सुरेंद्र सिंह ने की। रंजीत 2007 से जेल में ही है।